प्रयागराज (उप्र), छह जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को यहां प्रेरणा पार्क का उद्घाटन किया तथा श्यामा प्रसाद मुखर्जी, अटल बिहारी वाजपेयी और अशोक सिंघल की मूर्तियों का अनावरण किया।
मुख्यमंत्री ने इन तीनों को महान हस्ती बताते हुए कहा कि इन विभूतियों का जीवन राष्ट्रवाद, सुशासन और सनातन मूल्यों के लिए समर्पित था।
आदित्यनाथ ने तीनों हस्तियों की मूर्तियों का अनावरण करने के बाद सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि भारत की आत्मा सनातन धर्म में बसती है और भगवान राम भारत की आत्मा का मुख्य स्रोत हैं।
उन्होंने राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे अशोक सिंघल को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि विश्व हिंदू परिषद के दिवंगत नेता ने अपना पूरा जीवन सनातन मूल्यों और राष्ट्र के लिए समर्पित कर दिया था।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘आज अयोध्या में हम जो भव्य राम मंदिर देखते हैं, उस बदली हुई अयोध्या नगरी एवं उसकी नींव अशोक सिंघल की सोच पर आधारित है। राम जन्मभूमि आंदोलन आजादी के बाद का सबसे बड़ा सांस्कृतिक आंदोलन था, जिसने देश भर के संतों को एक मंच पर ला खड़ा किया था।’’
उन्होंने कहा कि सिंघल ने न केवल अपना जीवन राष्ट्र को समर्पित किया, बल्कि गरीबों, वनवासियों और वंचितों के कल्याण के लिए अपनी पैतृक संपत्ति भी समर्पित कर दी, जिससे समाज के सामने एक मिसाल कायम हुई।
आदित्यनाथ ने कहा कि यह अवसर इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती वर्ष के समारोह के साथ हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने मुखर्जी के योगदान का ज़िक्र करते हुए कहा कि उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व वाली सरकार से इस्तीफा दे दिया था क्योंकि उन्हें लगता था कि उनकी नीतियां राष्ट्रीय हितों के विरुद्ध थीं।
मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी की भी सराहना करते हुए उन्होंने राजनीतिक ईमानदारी और सुशासन का आदर्श बताया।
उन्होंने कहा, ‘‘अटल बिहारी वाजपेयी ने दिखाया कि सार्वजनिक जीवन में राजनीतिक स्थिरता और ईमानदारी कैसी होनी चाहिए। सांसद, मंत्री और प्रधानमंत्री के तौर पर छह दशकों से अधिक के सार्वजनिक जीवन में उनपर कोई दाग नहीं लगा सका। गांवों, गरीबों, किसानों और युवाओं के लिए उनका शासन मॉडल मिसाल था।’’
भाषा सलीम राजकुमार
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