पात्रा ने लोकसभा में राहुल पर कसा तंज, ‘आप सरेंडर हैं, हम धुरंधर हैं’

Ads

पात्रा ने लोकसभा में राहुल पर कसा तंज, ‘आप सरेंडर हैं, हम धुरंधर हैं’

  •  
  • Publish Date - March 30, 2026 / 04:35 PM IST,
    Updated On - March 30, 2026 / 04:35 PM IST

नयी दिल्ली, 30 मार्च (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद संबित पात्रा ने सोमवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के एक पुराने ट्वीट को लेकर उन पर तंज कसते हुए कहा कि ‘‘आप सरेंडर हैं, हम धुरंधर हैं।’’

वामपंथी उग्रवाद से देश को मुक्त कराने के प्रयास पर चर्चा में भाग लेते हुए पात्रा ने 2018 में महाराष्ट्र के यलगार परिषद और भीमा-कोरेगांव मामले का हवाला देते हुए नेता प्रतिपक्ष पर निशाना साधा।

भाजपा सांसद ने कहा, ‘‘जनवरी 2018 में महाराष्ट्र में यलगार परिषद और भीमा कोरेगांव मामला हुआ था। वहां आगजनी हुई थी, जो प्रायोजित थी। किस प्रकार भारत को बांटने की कोशिश की गई थी। किस प्रकार जातियों को भिड़ाने की कोशिश की गई थी। उसके पीछे माओवादियों का हाथ था।’’

उन्होंने कहा कि घटना के सिलसिले में कई लोगों की गिरफ्तारियां हुई थीं, जिसके बाद राहुल गांधी का एक ट्वीट आया था।

उन्होंने नेता प्रतिपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘आज राहुल जी सदन में नहीं हैं। लेकिन मैं उन्हें ससम्मान कहना चाहता हूं कि हां राहुल जी यह नया भारत है। आप सरेंडर हैं। हम धुरंधर हैं।’’

उन्होंने नक्सलवाद को लेकर पूर्ववर्ती कांग्रेस नीत सरकार में भ्रम की स्थिति रहने का दावा करते हुए कहा कि एक ओर जहां तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का मानना था कि नक्सलवाद से घातक कुछ और नहीं हो सकता, वहीं कांग्रेस के एक धड़े का इससे खास लगाव था।

भाजपा सांसद ने कहा कि यह ‘ऑपरेशन ग्रीन हंट’ की नाकामी थी कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 76 जवान अपैल 2010 में एक ही दिन में छत्तीसगढ़ में शहीद हो गए।

उन्होंने कहा कि ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद पहली बार इतनी तादाद में सुरक्षाकर्मी हताहत हुए थे।

पात्रा ने कहा कि कांग्रेस ने परिस्थितियों को जानबूझ कर अनेदेखा किया।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि 2012 में उच्चतम न्यायालय की एक खंडपीठ ने ‘सलवा जुडुम’ को समाप्त कर दिया और उस खंडपीठ में शामिल रहे न्यायमूर्ति बी. सुदर्शन रेड्डी को उपराष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार बनाया गया।

भाजपा सांसद ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में 76 लोगों के मारे जाने पर दिल्ली के एक विश्वविद्यालय में ‘‘मातम नहीं, सेलिब्रेशन मनाया गया था।’’

भाषा

सुभाष वैभव

वैभव