नयी दिल्ली, 24 सितंबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत उनकी ‘जन्मभूमि’ वडनगर (गुजरात) से ‘कर्मभूमि’ वाराणसी (उत्तर प्रदेश) तक निकाली जा रही ‘सेवा संकल्प यात्रा’ में शामिल ‘सेवा यात्रियों’ से बृहस्पतिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये संवाद किया और उनसे यात्रा के दौरान के अनुभवों, लोगों से हुई बातचीत और सफर में मिली नयी सीख के बारे में पूछा।
भाजपा ने प्रधानमंत्री मोदी के जनप्रतिनिधि के तौर पर जनसेवा के 25 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में 17 सितंबर को उनके जन्मदिन के मौके पर महीने भर चलने वाला ‘सेवा संकल्प अभियान’ शुरू किया था। इसके तहत युवाओं तक पहुंच बढ़ाने और जन भागीदारी को बढ़ावा देने के मकसद से कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
भाजपा ने अभियान की घोषणा के दौरान कहा था कि ‘सेवा संकल्प यात्रा’ के तहत 10 टीम वडनगर से वाराणसी और इतनी ही टीम वाराणसी से वडनगर तक यात्रा करेंगी। पार्टी में बताया कि ‘सेवा संकल्प यात्रा’ में लगभग 1,000 युवा शामिल होंगे।
आधिकारिक बयान के मुताबिक, ‘सेवा यात्रियों’ से संवाद के दौरान मोदी ने यात्राओं का आयोजन करने और उनमें शामिल से जुड़े अपने अनुभवों को भी याद किया, जिसमें वडनगर-वाराणसी रूट से उनका जुड़ाव भी शामिल था।
बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि यात्रा का मतलब सिर्फ एक जगह से दूसरी जगह जाना नहीं है, बल्कि लोगों से मिलना, समुदायों को समझना और सेवा की भावना को काम में बदलना भी है।
बयान में कहा गया है कि मोदी ने ‘सेवा यात्रियों’ की मौजूदा कोशिशों को ‘विकसित भारत-2047’ की दिशा में राष्ट्र-निर्माण की बड़ी यात्रा से जोड़ा और सेवा की भावना को जमीनी स्तर तक ले जाने में युवाओं की भूमिका को रेखांकित किया।
संवाद के दौरान राजस्थान में मौजूद भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हेमांग जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी से सीधे बात करना और यात्रा के अनुभव साझा करना युवा प्रतिभागियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
जोशी ने कहा, “आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ हुई बातचीत हर ‘सेवा यात्री’ के लिए एक बहुत ही खास मौका थी। कई दिनों तक सड़कों पर रहने, गांवों की यात्रा करने, लाभार्थियों से मिलने और सेवा के अलग-अलग कामों में हिस्सा लेने के बाद मोदी जी को सीधे सुनना सिर्फ एक भाषण को सुनना नहीं था, बल्कि पूरी यात्रा के लिए ऊर्जा का नया स्रोत हासिल करना था।”
उन्होंने कहा कि मोदी का 25 साल का सार्वजनिक जीवन युवाओं को सिखाता है कि “सेवा कोई ऐसी गतिविधि नहीं है, जो किसी खास मौके तक सीमित हो; यह समाज और देश के प्रति लगातार जारी रहने वाली एक प्रतिबद्धता है।”
भाषा पारुल नरेश
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