युवाओं को भारत की सांस्कृतिक विरासत का संरक्षक और राजदूत बनना चाहिए: उपराष्ट्रपति
युवाओं को भारत की सांस्कृतिक विरासत का संरक्षक और राजदूत बनना चाहिए: उपराष्ट्रपति
नयी दिल्ली, 21 अगस्त (भाषा) उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने शुक्रवार को कहा कि युवाओं को भारत की सांस्कृतिक विरासत का संरक्षक और राजदूत बनना चाहिए।
उन्होंने यहां शास्त्रीय संगीत और मानसून रागों की भावना से युवाओं को जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित संगीत कार्यक्रम ‘मल्हार 2026’ को संबोधित करते हुए कहा कि यह महोत्सव भारतीय पारंपरिक प्रदर्शन कलाओं को युवा पीढ़ी तक पहुंचाने पर और शास्त्रीय संगीत के सदाबहार महत्व को मज़बूत करने पर ज़ोर देता है।
उपराष्ट्रपति ने भारत की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक संगीत शिक्षा और कलात्मक परंपराओं के संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने नेपाल के सौरव शर्मा को ‘अंतर हृदय कल्चरल डिप्लोमेसी अवार्ड’ प्रदान किया। उन्होंने भारतीय संस्कृति और कला के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रख्यात कलाकार पंडित उल्हास कशालकर और पंडित राजेंद्र गंगानी को सम्मानित किया।
भाषा
शुभम सुरेश
सुरेश

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