Keralam Election Result 2026 / Image Source : IBC24 / FILE
तिरुवनंतपुरम: देश के पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में नतीजों का इतंजार अब खत्म हो गया है। पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु और केरलम, पुदुचेरी में वोटों की गिनती शुरू के बाद आए रुझानों का अब परिणाम में बदलने का सिलसिला भी शुरू हो गया है।
कांग्रेस के नेतृत्व वाला UDF गठबंधन बहुमत के आंकड़े को पार कर चुका है। 140 में से 127 सीटों पर UDF बढ़त बनाई हुई है। पिछले 10 साल से सत्ता में रहने वाली लेफ्ट (LDF) पार्टी इस बार काफी पीछे होती दिख रही है, जिससे उनके लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। हालांकि यहां भाजपा को थोड़ा फायदा होता दिख रहा है।
केरल में भले ही कांग्रेस की सरकार बन रही हो, लेकिन भाजपा के लिए यह चुनाव ऐतिहासिक साबित हुआ है। पार्टी ने राज्य में पहली बार विधानसभा में अपना खाता खोलते हुए दो सीटें जीत ली हैं। भाजपा के बी.बी. गोपकुमार ने चथन्नूर सीट पर शानदार जीत दर्ज की है। यह वही सीट है जिसे पहले लेफ्ट का मजबूत गढ़ माना जाता था, जहाँ 2021 के चुनाव में लेफ्ट 17 हजार से ज्यादा वोटों से जीती थी। इस बार भाजपा ने यहाँ लेफ्ट उम्मीदवार को 4 हजार वोटों से हरा दिया है। इसके अलावा, राजीव चंद्रशेखर ने भी 3,800 वोटों के अंतर से जीत हासिल की है। केरल के राजनीतिक इतिहास में यह पहली बार है जब भाजपा को विधानसभा में दो सीटें मिली हैं।
आपकों बता दें की इस चुनाव में राज्य की 140 सीटों के लिए कुल 883 उम्मीदवार मैदान में थे। वोटों की गिनती 43 जगहों पर बने केंद्रों पर हो रही है, जहाँ सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। शांतिपूर्ण तरीके से गिनती पूरी करने के लिए 15,000 से ज्यादा कर्मचारियों और सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई है। यह चुनाव लेफ्ट (LDF) के लिए बहुत बड़ा झटका हो सकता है, क्योंकि अगर वह हारते हैं, तो 1960 के दशक के बाद यह पहली बार होगा जब भारत के किसी भी राज्य में वामपंथी दल सत्ता में नहीं होंगे।