West Bengal Assembly Formation: बंगाल में नई विधानसभा गठन का रास्ता साफ, चुनाव आयोग ने राज्यपाल को भेजा अधिसूचना, जानिए क्या होता है गठन का प्रोसेस?
West Bengal Assembly Formation: बंगाल में नई विधानसभा गठन का रास्ता साफ, चुनाव आयोग ने राज्यपाल को भेजा अधिसूचना, जानिए क्या होता है गठन का प्रोसेस?
West Bengal Assembly Formation | Photo Credit: IBC24
- चुनाव आयोग ने नई विधानसभा गठन की अधिसूचना जारी की
- बहुमत वाली पार्टी राज्यपाल के पास जाकर सरकार बनाने का दावा पेश करती है
- मुख्यमंत्री शपथ लेने के बाद मंत्रिमंडल विस्तार और विभागों का आवंटन करते हैं
नई दिल्ली: West Bengal Assembly Formation पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। जिसके बाद अब नई सरकारों के गठन की संविधानिक प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। चुनाव परिणाम घोषित होने के एक दिन बाद चुनाव आयोग ने मंगलवार को नई विधानसभा के गठन के लिए आधिकारिक अधिसूचना भी जारी कर दी है। इसके लिए आयोग ने राज्यपाल को अधिसूचना भी भेज दी है।
West Bengal Assembly Formation चुनाव आयोग के अधिकारियों ने बताया कि चुनाव परिणाम जारी होनने के बाद अब नई विधानसभा गठन की अधिसूचना जारी करना संवैधानिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण है। अब निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार, सरकार गठन के अगले कदम उठाए जा सकेंगे।
क्या होता है गठन का प्रोसेस?
जब विधानसभा चुनाव संपन्न होता है तो चुनाव आयोग परिणाम घोषित करती है। जिसके बाद जिस पार्टी को बहुमत 50 प्रतिशत मिलती है वहीं अपना सरकार बनाने के लिए आगे आती है और बहुमत वाली पार्टी राज्यपाल के पास जाकर सरकार बनाने का दावा पेश करती है। जिसके बाद राज्यपाल बहुमत वाली पार्टी को मुख्यमंत्री नियुक्त करते हैं। मुख्यमंत्री के साथ-साथ उनके मंत्रिमंडल के कुछ खास मंत्रियों को भी इसी दिन शपथ दिलाई जा सकती है
मंत्रिमंडल विस्तार और विभागों का आवंटन
मुख्यमंत्री के शपथ लेने के बाद अगला बड़ा काम कैबिनेट का विस्तार करना होता है। मुख्यमंत्री अपनी पसंद और वरिष्ठता के आधार पर मंत्रियों की सूची तैयार करते हैं और राज्यपाल उन्हें पद की शपथ दिलाते हैं। इसके बाद मुख्यमंत्री विभिन्न विभागों जैसे कि गृह, वित्त, शिक्षा और स्वास्थ्य का बंटवारा करते हैं। बंगाल जैसे बड़े राज्य में विभागों का सही आवंटन सरकार की सफलता के लिए बहुत जरूरी माना जाता है।
9 मई होगा शपथग्रहण
बंगाल में नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को आयोजित किया जाएगा। इस बात की जानकारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राज्य अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने दी है। उन्होंने एनआई को यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि ”पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को होगा।” बीजेपी अध्यक्ष ने बताया कि 9 मई को रवींद्र नाथ टैगोर का जन्मदिवस है।
कौन होगा बंगाल का नया मुख्यमंत्री?
ताजा नतीजे के सामने आने के बाद अब सवाल उठ रहे है कि पीएम मोदी और अमित शाह बंगाल के किस नेता के कंधो पर राज्य की जिम्मेदारी सौपेंगे, हालांकि पश्चिम बंगाल में अगर भाजपा सरकार बनाती है, तो मुख्यमंत्री का चयन पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व ही तय करता है, और वह चुनाव नतीजों, विधायकों की संख्या और आंतरिक सहमति पर निर्भर करता है। (West Bengal New Chief Minister) राजनीतिक चर्चा और पिछले रुझानों के आधार पर कुछ प्रमुख नाम अक्सर सामने आते हैं। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा सुकान्त मजूमदार की होती है, जो राज्य भाजपा अध्यक्ष भी हैं और संगठन में मजबूत पकड़ रखते हैं। दूसरा बड़ा नाम सुवेन्दु अधिकारी का है, जो टीएमसी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे और विपक्ष के नेता के रूप में प्रमुख चेहरा रहे हैं। इनके अलावा महिला नेत्री लॉकेट चटर्जी और दिलीप घोष के नाम भी प्रमुखता से सामने आये हैं।
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