ओवरी सिस्ट की समस्या से ऐसे बचें

ओवरी सिस्ट की समस्या से ऐसे बचें

ओवरी सिस्ट की समस्या से ऐसे बचें
Modified Date: November 29, 2022 / 12:03 am IST
Published Date: November 18, 2018 12:12 pm IST

आमतौर पर देखा जाता है की ज्यादातर महिलाएं अपने शरीर को लेकर सजग नहीं होती उन्हें घर परिवार की जिम्मेदारी के आगे अपनी तकलीफ या परेशानी दिखाई नहीं देती और फिर एक दिन आता है कि उनकी समस्या बढ़ चुकी होती है। ज्यादातर देखा जाता है कि महिला को ओवरी की समस्या होती है। और वः धीरे धीरे कब विकराल रूप ले लेती है कुछ कहा नहीं जा सकता।जब ओवरी के हिस्से में कोई गड़बड़ी होती हैं तो महिलाएं प्रेग्नेंसी कंसीव नहीं कर पाती। और इसके बाद उन्हें बहुत सी समस्या का सामना करना पड़ता है। भारत में ज्यादातर महिलाएं ओवरी सिस्ट की समस्या का शिकार है। समस्या बढ़ने पर यह यूट्रेस कैंसर, रसोली व अन्य कई तरह की बीमारियों में बदल जाती हैं। इसलिए जरुरी है ओवरी से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी।

ओवरी के साइज में फर्क
ओवरी उम्र के हिसाब व पीरियड्स के समय अपना साइज बदलती रहती है। जब यह अंडा बना रही होती हैं तो इसका आकार बढ़ता हैं जो कि 5 सें.मी. तो हो सकता है जबकि ओवरी सिस्ट होने पर इसका आकार बढ़ता है। वही मेनोपॉज में यह सिकुड़ जाती है।

स्ट्रेस कम लें

ओवरीज के अंडे बनाने की प्रक्रिया को ओव्यूलेशन कहते हैं। तनाव का इस पर काफी असर पड़ता है। अगर आप स्ट्रेस में हैं तो आपकी ओवरी एग बनाने बंद कर देगी।

गर्भनिरोधक गोलियां का करें इस्तेमाल

डॉक्टरों की मानें तो बर्थ कंट्रोल पिल्स ओवरीज का बड़ा फ़ायदा करती हैं। यह बात आपको बड़ी अजीब लगेगी लेकिन यह सच है कि गर्भनिरोधक गोलियां खाने से ओवेरियन कैंसर होने का खतरा घट जाता है।

सर्जरी से बचे
ओवरी में सिस्ट होना औरतों की आम समस्या है। यह सिस्ट थैली के आकार के होते हैं जिनमें पस भरती और निकलती रहती है। ये ज्यादा खतरनाक नहीं होती और बिना सर्जरी के अक्सर अपने आप ठीक भी हो जाती हैं।


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