Financial Rules after Death/Image Credit: ScreenGrab / AI Generator / @GROK
Financial Rules after Death: परिवार में किसी प्रियजन की मृत्यु बहुत ही दुखद और मुश्किल समय होता है, इस दौरान भावनाओं को संभालने के साथ-साथ, कागज़ी कार्यवाही पूरी करना भी ज़रूरी होता हैं। अगर यह कार्य समय से पूर्ण न हो, तो बैंक खाता, पीएफ (PF), शेयर, बीमा और संपत्ति जैसे ज़रूरी वित्तीय काम तो अटकेंगे ही, साथ ही मृतक के दस्तावेज़ों का दुरुपयोग या धोखाधड़ी का ख़तरा भी बढ़ जाता है.. इसलिए जान लें कि वह कौन से काम हैं जिन्हें किसी प्रियजन की मृत्यु के बाद जल्द ही कर लेना चाहिए।
बैंक या फिर किसी भी कानूनी प्रक्रिया की शुरुआत डेथ सर्टिफिकेट (मृत्यु प्रमाण पत्र) से होती है। बैंक, बीमा कंपनी और सरकारी विभागों में रिकार्ड अपडेट करने के लिए यह एक ज़रूरी दस्तावेज़ है, इसलिए जितनी जल्दी हो सके इसे ज़रूर बनवा लें।
मृत व्यक्ति के नाम पर मौजूद बैंक अकाउंट, आरडी (RD), एफडी (FD) की पूरी जानकारी लें। नामांकित व्यक्ति (Nominee) ज़रूरी दस्तावेज़ जमा करके अकाउंट में मौजूद राशि को अपने खाते में ट्रांसफर करवा सकता है।
अगर मृतक के नाम पर कोई म्युचअल फंड, पीपीएफ (PPF), जीवन बीमा या फिर को अन्य निवेश (Investment) है तो तुरंत संबंधित कंपनियों या संस्थानों से संपर्क करें। समय रहते ट्रांसफर और क्लेम की प्रक्रिया शुरू करने से, आप भविष्य में होने वाली परेशानियों से बच सकते हैं।
यदि मृतक के नाम पर घर, गाड़ी, ज़मीन, गैस कनेक्शन या अन्य सम्पत्तियाँ है, तो उन्हें Nominee या कानूनी वारिस के नाम पर ट्रांसफर कराने की प्रक्रिया तुरंत शुरू करें, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की कानूनी या व्यावहारिक परेशानी न हो..
मोबाइल नंबर, ईमेल, आधार कार्ड हो या पैन कार्ड, यह सारी चीज़ें आज अलगभग हर वित्तीय सेवा से जुडी होती है इसलिए इसे समय रहते अपडेट करना बहुत ज़रूरी है, ताकि भविष्य की अनावश्यक परेशानियों से बचा जा सके।
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