ठाणे, 22 जून (भाषा) नवी मुंबई की एक अदालत ने एक व्यक्ति को 2021 में 11 वर्षीय लड़की का यौन उत्पीड़न करने का दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
अदालत ने कहा कि पीड़िता और गवाहों की गवाही पूरी तरह विश्वास योग्य है।
बेलापुर अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रसन्ना चंदगुडे ने 20 जून को अनिल अगारे को भारतीय न्याय सहिंता की संबंधित धाराओं और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत दोषी पाया और तीन हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार 23 नवंबर, 2021 को अपने घर के बाहर खेल रही लड़की को बहला-फुसलाकर आरोपी अपने साथ ले गया और उसका यौन उत्पीड़न किया।
अदालत ने बचाव पक्ष की यह दलील खारिज कर दी कि आरोपी को संपत्ति के विवाद के चलते गलत तरीके से मामले में फंसाया गया है।
अदालत ने कहा कि पीड़िता और गवाहों की गवाही पूरी तरह विश्वास योग्य है।
भाषा
जोहेब संतोष
संतोष