एसईसीएल खदान के लिए जमीन अधिग्रहण के एवज में मुआवजे को लेकर एक व्यक्ति ने की आत्महत्या

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एसईसीएल खदान के लिए जमीन अधिग्रहण के एवज में मुआवजे को लेकर एक व्यक्ति ने की आत्महत्या

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  • Publish Date - June 17, 2023 / 08:10 PM IST,
    Updated On - June 17, 2023 / 08:10 PM IST

कोरबा, 17 जून (भाषा) छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) की एक कोयला खदान के लिए अधिग्रहित अपनी जमीन के एवज में कथित रूप से पैसा या नौकरी नहीं मिलने पर एक व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में ग्रामीण दिलहरण पटेल को मृत्यु से पहले यह कहते हुए देखा जा सकता है कि जिस जमीन पर उसका घर बना था, उसका अधिग्रहण किये जाने के बाद पिछले छह महीने से वह कोशिश कर रहा था लेकिन इसके बावजूद उसे न तो नौकरी मिली और न ही पैसा।

कोल इंडिया की सहायक कंपनी एसईसीएल का कहना है कि पटेल को 2.50 लाख रुपए के मुआवजे का भुगतान किया जाना था।

जिले के कुसमुंडा थाने के प्रभारी कृष्ण कुमार वर्मा ने बताया कि चंद्र नगर जटराज गांव के पटेल ने 13 जून को अपने घर में जहर खा लिया था जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था लेकिन इलाज के दौरान आज सुबह उसकी मौत हो गयी।

वर्मा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि एसईसीएल ने पटेल के बेटे को एक निजी कंपनी नौकरी दिलाई थी। उन्होंने कहा कि मामले की जांच चल रही है।

वीडियो में पटेल ने दावा किया था कि वह मुआवजा नहीं मिलने से परेशान था, जिसके कारण उसने यह कदम उठाया।

इस बीच एसईसीएल के जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) सनिश चंद्रा ने बताया सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, दिलहरण पटेल एक (अतिक्रमण किए गए) सरकारी भूमि पर रह रहा था, इसलिए भारत सरकार के नियमों और कोल इंडिया की पुनर्वास नीति के अनुसार वह कंपनी में नौकरी प्राप्त करने के लिए पात्र नहीं था।

हालांकि उसके बेटे मुकेश पटेल को एसईसीएल के लिए काम करने वाली एक कंपनी में नौकरी दी गई थी।

उन्होंने बताया कि पटेल के घर का सर्वेक्षण किया गया और 2.50 लाख रुपये का मुआवजा तय किया गया। चंद्रा ने बताया कि प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और बहुत जल्द उन्हें पैसा मिल जाएगा।

भाषा सं संजीव संजीव राजकुमार