Bhagirathpura Contaminated Water Case: ‘इस पाप का घोर प्रायश्चित करना होगा”, दूषित पानी से हुई लोगों की मौतों पर भड़की पूर्व सीएम उमा भारती

Bhagirathpura Contaminated Water Case: इंदौर दूषित पानी से लोगों की मौत के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती का बयान सामने आया है।

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  • Publish Date - January 2, 2026 / 02:59 PM IST,
    Updated On - January 2, 2026 / 03:08 PM IST

Bhagirathpura Contaminated Water Cass/Image Credit: Uma Bharti X Handle

HIGHLIGHTS
  • इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने के चलते हुई 15 लोगों की मौत हो गई।
  • पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने इस मामले अपनी ही सरकार पर निशाना साधा है।
  • पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने कहा कि, इस पाप का घोर प्रायश्चित करना होगा।

Bhagirathpura Contaminated Water Case: भोपाल: मध्य प्रदेश के इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने के चलते हुई 15 लोगों की मौत हो गई। इस मामले ने मध्य प्रदेश की राजनीति में भूचाल ला दिया है। इस मामले में कई दिग्गज नेताओं के बयान सामने आ चुके हैं। वहीं अब इस मामले में प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती का बयान सामने आया है।

पूर्व सीएम उमा भर्ती ने अपनी सरकार पर साधा निशाना

Bhagirathpura Contaminated Water Case: पूर्व सीएम उमा भारती ने कहा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि, साल 2025 के अंत में इंदौर में गंदे पानी पीने से हुई मौतें हमारा प्रदेश, हमारी सरकार और हमारी पूरी व्यवस्था को शर्मिंदा और कलंकित कर गईं। उन्होंने आगे कहा कि, प्रदेश के सबसे स्वच्छ शहर का अवार्ड प्राप्त करने वाले नगर में इतनी बदसूरती, गंदगी, जहर मिला पानी जो कितनी जिंदगियों को निगल गया और निगलता जा रहा है, मौत का आंकड़ा बढ़ रहा है। जिंदगी की कीमत दो लाख रुपए नहीं होती क्योंकि उनके परिजन जीवन भर दुःख में डूबे रहते हैं। इस पाप का घोर प्रायश्चित करना होगा, पीड़ितजनों से माफी मांगनी होगी और नीचे से लेकर ऊपर तक जो भी अपराधी हैं उन्हें अधिकतम दंड देना होगा। उन्होंने आगे कहा कि, यह सीएम डॉ मोहन यादव के परीक्षा की घड़ी हैं।

एक और सोशल मीडिया पोस्ट में पूर्व सीएम उमा भारती ने कहा कि, इंदौर में दूषित पानी के मामले में यह कौन कह रहा है कि हमारी चली नहीं। जब आपकी नहीं चली तो आप पद पर बैठे हुए बिसलेरी का पानी क्यों पीते रहे? पद छोड़कर जनता के बीच क्यों नहीं पहुंचे? ऐसे पापों का कोई स्पष्टीकरण नहीं होता या तो प्रायश्चित या दंड!

अब तक 15 लोगों की मौत

Bhagirathpura Contaminated Water Case: आपकी जानकारी के लिए लिए बता दें कि, इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी हैं, लेकिन प्रशासन ने फिलहाल 08 लोगों की मौत की पुष्टि की है, जिसमें से केवल 04 को ही संक्रमण से होने वाली मौत माना गया है। वर्तमान में 201 मरीज भर्ती हैं, जबकि 71 लोग स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं।

पानी की जांच रिपोर्ट में घटक जीवाणु

Bhagirathpura Contaminated Water Case: भागीरथपुरा इलाके के पानी के सैंपल की जांच रिपोर्ट में हैजा फैलाने वाले घातक जीवाणु पाए गए हैं। जांच में पुष्टि हुई है कि पानी में पांच अलग-अलग प्रकार के घातक बैक्टीरिया मौजूद हैं। गंदा पानी विशेष रूप से कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग और बच्चे के लिए घातक साबित हो सकता है। अब तक इस संक्रमण के कारण 14 लोगों की मौत हुई है।

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पूर्व सीएम उमा भारती ने इंदौर के दूषित पानी मामले पर क्या कहा है?

पूर्व सीएम उमा भारती ने इस घटना को प्रदेश, सरकार और पूरी व्यवस्था के लिए शर्मनाक और कलंकित करने वाला बताया है। उन्होंने दोषियों को कड़ा दंड देने और पीड़ितों से माफी मांगने की बात कही है।

पूर्व सीएम उमा भारती ने किसे इस मामले की जिम्मेदारी सौंपी है?

पूर्व सीएम उमा भारती ने इस घटना को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के लिए एक बड़ी परीक्षा बताया है और प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल खड़े किए हैं।

पूर्व सीएम उमा भारती ने सोशल मीडिया पर क्या टिप्पणी की?

पूर्व सीएम उमा भारती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि अगर प्रशासन की नहीं चल रही थी तो पद पर रहकर बोतलबंद पानी क्यों पीते रहे और जनता के बीच क्यों नहीं गए।

पूर्व सीएम उमा भारती के अनुसार इंदौर में यह घटना क्यों गंभीर है?

पूर्व सीएम उमा भारती के अनुसार, देश के सबसे स्वच्छ शहर के दावे वाले इंदौर में जहरीला पानी लोगों की जान ले रहा है, जो व्यवस्था की गंभीर विफलता को दर्शाता है।

पूर्व सीएम उमा भारती ने इस मामले में क्या मांग की है?

पूर्व सीएम उमा भारती ने इस पूरे मामले में दोषियों को अधिकतम सजा देने और इस “पाप” के लिए प्रायश्चित करने की मांग की है।