Jitu Patwari Upset to Gossip: कार्यकर्ताओं और नेताओं की चुगलखोरी से परेशान हुए पीसीसी चीफ, भरे मंच से हाथ जोड़कर करने लगे अपील, कहा- नहीं चलेगी ऐसी हरकत

Jitu Patwari Upset to Gossip: कार्यकर्ताओं और नेताओं की चुगलखोरी से परेशान हुए पीसीसी चीफ, भरे मंच से हाथ जोड़कर करने लगे अपील, कहा- नहीं चलेगी ऐसी हरकत

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  • Publish Date - January 9, 2026 / 01:25 PM IST,
    Updated On - January 9, 2026 / 01:26 PM IST

Jitu Patwari Upset to Gossip: कार्यकर्ताओं और नेताओं की चुगलखोरी से परेशान हुए पीसीसी चीफ, भरे मंच से हाथ जोड़कर करने लगे अपील / Image: X

HIGHLIGHTS
  • दूसरों की बुराई करने वाले कार्यकर्ताओं को पड़ेगी डांट
  • पार्टी की मजबूती के लिए वे हर अपमान सहने को तैयार
  • लोकसभा चुनाव में करारी हार तक का सामना करना पड़ा

भोपाल: Jitu Patwari Upset to Gossip मध्यप्रदेश में अपने बुरे दौरे से गुजर रही कांग्रेस पार्टी अभी गुटबाजी और दो फाड़ की स्थिति से उबर नहीं पाई कि अब चुगलखोरी का मामला सामने आ गया। आलम ऐसा है कि पीसीसी चीफ जीतू पटवारी को मंच से हाथ जोड़कर बोलना पड़ रहा है कि कान फूंकने का काम बिल्कुल भी नहीं चलेगा। उन्होंने सीधा कहा कि कान में आकर बोलने वाले कार्यकर्ताओं को जोर से डांट पड़ेगी।

चुगलखोरी से परेशान पीसीसी चीफ

Jitu Patwari Upset to Gossip दरअसल पीसीसी चीफ जीतू पटवारी देपालपुर विधानसभा पहुंचे थे। यहां उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि कार्यकर्ता आते हैं कान में बोलते हैं मैं उतनी तेजी से डांट लगाता हूं। उन्होंने कहा कि कान फूंकने वालों से मैं कहना चाहता हूं कि कान फूंकने का काम बिल्कुल भी नहीं चलेगा। छोटी मोटी बात होगी तो उनकी शिकायत सुनना मेरी जिम्मेदारी है।

जीतू पटवारी ने कार्यकर्ताओं से हाथ जोड़कर की अपील

चुगली करने वाले कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए जीतू पटवारी ने कहा कि कान फूंकने वालों से मैं ये हाथ जोड़कर कहना चाहता हूं कि कांग्रेस की मजबूती के लिए कितना भी अपमान मुझे सहना पड़े मैं उसे स्वीकार करता हूं। कार्यकर्ताओं से अपील मन में किसी तरह का खटास नहीं रखना है।

गुटबाजी से कांग्रेस को भारी नुकसान

बता दें कि मध्यप्रदेश कांग्रेस को गुटबाजी के चलते कई बार खामियाजा भुगतना पड़ा है। जहां पिछले लोकसभा चुनाव में कार्यकर्ताओं और नेताओं की एकजुटता नहीं होने के चलते पार्टी का सुपड़ा साफ हो गया था। तो वहीं, कमलनाथ की सरकार भी गुटबाजी के चलते ही गिर गई थी। इतना ही नहीं जीतू पटवारी को प्रदेश कांग्रेस की कमान मिलने के बाद भी कई नेताओं ने खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की थी।

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जीतू पटवारी ने कार्यकर्ताओं को क्या चेतावनी दी?

उन्होंने कहा कि अब वे 'कान में आकर बोलने वाले' (चुगलखोरी करने वाले) कार्यकर्ताओं को बर्दाश्त नहीं करेंगे और उन्हें मंच से या व्यक्तिगत रूप से डांट लगाएंगे।

जीतू पटवारी ने यह बयान कहाँ दिया?

यह बयान उन्होंने इंदौर जिले की देपालपुर विधानसभा में आयोजित एक कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान दिया।

मध्यप्रदेश कांग्रेस में गुटबाजी के क्या परिणाम रहे हैं?

गुटबाजी के चलते ही 2020 में कमलनाथ सरकार गिर गई थी और हालिया लोकसभा चुनावों में कांग्रेस एक भी सीट जीतने में नाकाम रही।

क्या जीतू पटवारी के नेतृत्व पर भी सवाल उठे हैं?

हाँ, जब से उन्हें पीसीसी चीफ बनाया गया है, पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता समय-समय पर अपनी नाराजगी जाहिर करते रहे हैं, जिससे संगठन में बिखराव की स्थिति बनी रही है।

पटवारी की इस अपील का क्या उद्देश्य है?

उनका उद्देश्य पार्टी में अनुशासन लाना और कार्यकर्ताओं को आपसी खींचतान छोड़कर एकजुट होकर आगामी चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करना है।