Meenakshi Natarajan Rajya Sabha Nomination / Image Source : FILE
भोपाल : Meenakshi Natarajan Rajya Sabha Nomination : मध्य प्रदेश में राज्यसभा नामांकन के दौरान कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन का नामांकन फॉर्म-26 में एक लंबित मामले की जानकारी छिपाने के आरोप में रिटर्निंग अधिकारी द्वारा रद्द कर दिया गया है। इस कार्रवाई के खिलाफ कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को निर्वाचन आयोग से मुलाकात की और अपनी बात रखी। हालांकि, चुनाव आयोग की तरफ से अभी तक इस मामले में कोई स्थिति साफ नहीं की गई है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील और कांग्रेस नेता विवेक तन्खा को पूरी उम्मीद है कि आयोग अनुच्छेद 324 के तहत उनके पक्ष में फैसला सुनाएगा, वरना कांग्रेस इस मामले को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाएगी।
दरअसल, रिटर्निंग अधिकारी ने मीनाक्षी नटराजन द्वारा तेलंगाना के एक लंबित मामले की जानकारी हलफनामे में न देने के कारण उनका नामांकन खारिज किया है। इस पर कांग्रेस का तर्क है कि चुनाव कानून के अनुसार केवल उन्हीं मामलों का खुलासा करना जरूरी होता है जिनमें आरोप तय हो चुके हों और 2 साल से अधिक की सजा का प्रावधान हो, जबकि इस मामले में मजिस्ट्रेट ने अभी तक अपराध का कोई संज्ञान ही नहीं लिया है।
सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग के कड़े नियमों के मुताबिक, चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को फॉर्म-26 के जरिए अपने सभी आपराधिक मामलों, दोषसिद्धि और अपीलों का पूरा ब्योरा देना अनिवार्य होता है और कोई भी कॉलम खाली छोड़ने या जानबूझकर महत्वपूर्ण तथ्य छिपाने पर नामांकन रद्द करने और धारा 125A के तहत 6 महीने की कैद या जुर्माने का प्रावधान है।
राजनीति में अपराधीकरण को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने समय-समय पर ‘पब्लिक इंटरेस्ट फाउंडेशन’ और ‘लोक प्रहरी’ जैसे मामलों में ऐतिहासिक फैसले देकर नामांकन नियमों को बेहद सख्त बनाया है। नियमों के तहत यदि फॉर्म में कोई कमी होती है, तो रिटर्निंग ऑफिसर उम्मीदवार को सुधार का मौका देता है, लेकिन जानकारी छिपाने पर कड़ी कार्रवाई होती है।
इन्हे भी पढ़ें:-