भोपाल: MP Transfer Policy 2025: मध्य प्रदेश में तबादलों पर लगी रोक हटने के चार दिन बाद राज्य सरकार ने तबादला नीति 2025 के आदेश जारी कर दिए हैं। यह आदेश आधी रात को जारी किए गए, जिससे यह स्पष्ट है कि सरकार अब तबादलों को लेकर सख्त निगरानी और नई प्रणाली के तहत प्रक्रिया को आगे बढ़ाना चाहती है।
MP Transfer Policy 2025: नई नीति के तहत 1 अप्रैल 2024 से 30 अप्रैल 2025 के बीच जिन अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले किए जाएंगे उनके लिए मुख्यमंत्री की अनुमति अनिवार्य होगी। यानी इस अवधि में कोई भी तबादला मुख्यमंत्री की सहमति के बिना नहीं हो सकेगा। इसके अलावा विभागों को अपने स्तर पर अलग तबादला नीति तैयार करने की छूट भी दी गई है।
MP Transfer Policy 2025: जिला स्तर पर राज्य संवर्ग के तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के जिले के भीतर तबादले कलेक्टर द्वारा प्रभारी मंत्री के अनुमोदन से किए जाएंगे। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन कर्मचारियों और अधिकारियों का प्रदर्शन कमजोर है, उनका तबादला प्रशासकीय आधार पर किया जाएगा। इस तरह के तबादले विभागीय समीक्षा और कार्यप्रणाली के आधार पर होंगे।
"तबादला नीति 2025" मध्य प्रदेश सरकार द्वारा लागू की गई एक नई प्रणाली है, जिसके तहत सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के तबादले मुख्यमंत्री की अनुमति से ही किए जा सकेंगे।
तबादला नीति 2025 में मुख्यमंत्री की अनुमति कब जरूरी है?
"तबादला नीति 2025" के तहत 1 अप्रैल 2024 से 30 अप्रैल 2025 के बीच किसी भी कर्मचारी का तबादला मुख्यमंत्री की अनुमति के बिना नहीं हो सकेगा।
क्या जिले के अंदर तबादले कलेक्टर कर सकते हैं?
जी हां, जिले के अंदर तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के तबादले कलेक्टर द्वारा प्रभारी मंत्री की स्वीकृति से किए जाएंगे, जैसा कि "तबादला नीति 2025" में प्रावधान है।
क्या विभाग अपनी अलग तबादला नीति बना सकते हैं?
हां, "तबादला नीति 2025" के अनुसार विभागों को अपने स्तर पर अलग तबादला नीति बनाने की छूट दी गई है।
क्या खराब प्रदर्शन पर भी तबादला हो सकता है?
जी हां, "तबादला नीति 2025" में स्पष्ट किया गया है कि खराब प्रदर्शन वाले कर्मचारियों का तबादला प्रशासकीय कारणों से किया जा सकता है।