(Share Market Crash Today/ Image Credit: IBC24 News)
नई दिल्ली: Share Market Crash Today आज मंगलवार, 24 फरवरी को भारतीय शेयर बाजारों में जोरदार गिरावट देखने को मिली है। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 800 अंकों तक फिसल गया, वहीं निफ्टी 25,500 के नीचे टूट गया। पिछले दो दिनों से जारी तेजी पर अब ब्रेक लग गया और निवेशकों का मनोबल कमजोर हो गया। मेटल और PSU बैंक सेक्टर को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर लाल निशान में कारोबार कर रहे थे।
सुबह करीब 10:15 बजे बीएसई सेंसेक्स 790.52 अंक यानी 0.95% गिरकर 82,504.14 पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 230.15 अंक यानी 0.89% टूटकर 25,482.85 पर पहुंच गया। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में भी लगभग 0.5 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली।
आईटी सेक्टर आज सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ। निफ्टी आईटी इंडेक्स 3 प्रतिशत तक गिरा। इसकी मुख्य वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर बढ़ती चिंताएं हैं। अमेरिकी कंपनी एंथ्रोपिक ने अपने क्लॉड कोड टूल से पुराने सिस्टम की लागत और जटिलता कम करने का दावा किया, जिससे पारंपरिक आईटी कंपनियों के कारोबार पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई।
एशियाई शेयर बाजारों में सुस्ती रही और अमेरिका का वॉल स्ट्रीट भी रात में गिरावट के साथ बंद हुआ। डोनाल्ड ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ रद्द फैसले के बाद नए व्यापार कानूनों की चेतावनी दी, जिससे ग्लोबल बाजारों में अनिश्चितता बढ़ गई। रुपये में कमजोरी के कारण भी निवेशकों का मनोबल प्रभावित हुआ, मंगलवार को रुपये का भाव 7 पैसे गिरकर 90.96 प्रति डॉलर हो गया।
आज निफ्टी डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की वीकली एक्सपायरी थी। एक्सपायरी वाले दिन ट्रेडर्स अपने फ्यूचर्स और ऑप्शन्स पोजिशन्स को बंद या अगले हफ्ते के लिए आगे बढ़ाते हैं। इससे दिन के दौरान शेयरों की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है, जिससे बाजार अस्थिर हो गया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड का भाव 1 प्रतिशत बढ़कर 72.13 डॉलर प्रति बैरल हो गया। तेल की कीमतों में यह बढ़ोतरी भारत के लिए चिंता का कारण है क्योंकि इससे व्यापार घाटा और महंगाई का दबाव बढ़ सकता है। इन सभी कारणों ने मिलकर आज भारतीय शेयर बाजार में दबाव पैदा किया और सेंसेक्स व निफ्टी दोनों में भारी गिरावट दर्ज की गई।
नोट:- शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।