भोपाल: MP Weather Update: मध्य प्रदेश (एमपी) में मार्च के अंत में भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 2 से 3 दिनों तक तापमान में मामूली गिरावट देखने को मिलेगी। इसका कारण पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टरन डिस्टरबेंस) की सक्रियता है, जिसकी वजह से प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम बदला हुआ है। हालांकि, अप्रैल आते ही मालवा-निमाड़ के जिलों में लू का असर तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
MP Weather Update: मार्च के अंत तक हल्की ठंडक बनी रहेगी और तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की जाएगी। वहीं अप्रैल की शुरुआत में गर्मी बढ़ेगी, खासकर मालवा-निमाड़ क्षेत्र में तापमान तेजी से बढ़ सकता है। वेस्टरन डिस्टरबेंस का असर रहेगा जिससे बादलों की आवाजाही और हल्की हवाओं के चलते फिलहाल मौसम सुहावना बना हुआ है। अप्रैल में रतलाम, उज्जैन, खरगोन, खंडवा और धार जैसे जिलों में लू चलने की संभावना है।
MP Weather Update: पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) की वजह से हवा की दिशा बदल गई है, जिससे मध्य प्रदेश में कुछ समय के लिए गर्मी का असर कम हो गया है। लेकिन जैसे ही यह सिस्टम कमजोर होगा, गर्म हवाओं का प्रभाव बढ़ेगा और अप्रैल में लू चलने की संभावना बढ़ जाएगी।
मध्य प्रदेश में मार्च के अंत तक गर्मी क्यों नहीं बढ़ेगी?
मार्च के अंत तक पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण हवाओं का रुख बदला हुआ है, जिससे तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है।
किन जिलों में अप्रैल में लू का असर रहेगा?
अप्रैल में रतलाम, उज्जैन, खरगोन, खंडवा और धार जैसे जिलों में तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होगी और लू चलने की संभावना है।
पश्चिमी विक्षोभ का असर कितने दिनों तक रहेगा?
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव अगले 2 से 3 दिनों तक रहेगा, जिससे तापमान थोड़ा कम रहेगा।
अप्रैल में एमपी का तापमान कितना बढ़ सकता है?
अप्रैल में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक पहुंच सकता है, खासकर मालवा-निमाड़ के जिलों में।
लोगों को गर्मी से बचने के लिए क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?
लोगों को हल्के और सूती कपड़े पहनने, ज्यादा पानी पीने, दोपहर में बाहर निकलने से बचने और गर्मी से राहत देने वाले खान-पान का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है।