India and Israel Relationship || Image- IBC24 news File
नई दिल्ली: आज के ‘वंदे भारत’ में बात भारत-इजराइल दोस्ती के उस नए अध्याय की, जिसने कूटनीति के साथ भावनात्मक रिश्तों को भी नई ऊंचाई दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दो दिवसीय इजराइल दौरा कई मायनों में ऐतिहासिक रहा। (India and Israel Relationship) यरूशलम की धरती पर उनका स्वागत जिस गर्मजोशी से हुआ, उसने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा नेतन्याहू स्वयं एयरपोर्ट पहुंचकर प्रोटोकॉल तोड़ते हुए स्वागत के लिए मौजूद रहे। इसे दो नेताओं की मुलाकात से बढ़कर दो प्राचीन सभ्यताओं के मिलन के रूप में देखा गया।
दौरे के पहले ही दिन पीएम मोदी ने इजराइली संसद नेसेट को संबोधित किया और ऐसा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने। इस दौरान उन्हें संसद का सर्वोच्च सम्मान ‘स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल’ प्रदान किया गया। पीएम मोदी ने यह सम्मान 140 करोड़ भारतीयों और भारत-इजराइल की अटूट मित्रता को समर्पित किया। नेसेट में गूंजती तालियों ने दोनों देशों के रिश्तों की मजबूती का संदेश दिया।
दौरे का दूसरा दिन भावनात्मक रूप से बेहद महत्वपूर्ण रहा। प्रधानमंत्री मोदी यरूशलम स्थित होलोकॉस्ट स्मारक याद वासेम पहुंचे, जहां उन्होंने नाजी शासन के दौरान मारे गए लाखों यहूदियों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि भारत वह देश है जहां यहूदी समुदाय को कभी उत्पीड़न का सामना नहीं करना पड़ा। (India and Israel Relationship) इसके बाद उनकी मुलाकात इजराइल के राष्ट्रपति इसाक हेरजोक से हुई। दोनों नेताओं ने आपसी सहयोग को और गहरा करने पर जोर दिया तथा भविष्य में उच्चस्तरीय आदान-प्रदान की प्रतिबद्धता दोहराई।
द्विपक्षीय वार्ता के बाद प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने संयुक्त प्रेस वार्ता की। इसमें डिजिटल सहयोग और व्यापारिक संबंधों को नई गति देने की घोषणा की गई। बताया गया कि इजराइल में अब भारत का UPI भुगतान सिस्टम लागू होगा, जिससे भारतीय पर्यटकों और व्यापारियों को सुविधा मिलेगी। साथ ही भारत-इजराइल के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को अंतिम रूप देने की दिशा में भी प्रगति का संकेत दिया गया।
कुल मिलाकर यह दौरा डिजिटल साझेदारी, व्यापार विस्तार और रणनीतिक सहयोग के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। UPI की एंट्री और संभावित FTA के साथ दोनों देशों के आर्थिक संबंध नई ऊंचाई पर पहुंच सकते हैं। (India and Israel Relationship) साफ है कि भारत और इजराइल की दोस्ती अब पारंपरिक कूटनीति से आगे बढ़कर तकनीक, व्यापार और साझा मूल्यों की मजबूत नींव पर खड़ी दिखाई दे रही है।