Shah Mat Madhya Pradesh || Image- IBC24 News File
धार: मध्यप्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला को लेकर एक बार फिर सियासत तेज हो गई है। एएसआई की सर्वे रिपोर्ट सामने आने के बाद विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। (Shah Mat Madhya Pradesh) 98 दिनों तक चले विस्तृत सर्वे के बाद तैयार रिपोर्ट को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में पेश किया गया है। अदालत ने सभी पक्षों को रिपोर्ट की प्रतियां उपलब्ध कराते हुए उन पर सुझाव और आपत्तियां दर्ज कराने को कहा है।
रिपोर्ट के प्रमुख अंशों में दावा किया गया है कि मौजूदा ढांचा मूल रूप से एक विशाल मंदिर था। एएसआई के अनुसार परिसर में मां सरस्वती के निवास ‘शारदा सदन’ से जुड़े अवशेष, भगवान गणेश, ब्रह्मा और नृसिंह की प्रतिमाएं तथा संस्कृत के 150 से अधिक शिलालेख मिले हैं। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि मंदिर के अवशेषों का उपयोग बाद की संरचना में किया गया और फर्श व दीवारों पर मौजूद शिलालेखों से छेड़छाड़ के संकेत मिले हैं। इन निष्कर्षों के आधार पर हिंदू पक्ष ने इसे अपने दावों के समर्थन में महत्वपूर्ण बताया है।
रिपोर्ट सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी ने भोजशाला को मंदिर बताते हुए इसे हिंदू पक्ष को सौंपने की मांग दोहराई है, (Shah Mat Madhya Pradesh) जबकि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने मामले में न्यायिक प्रक्रिया और कानून के पालन पर जोर दिया है। दोनों दलों के बयानबाजी से मुद्दा फिर राजनीतिक केंद्र में आ गया है।
अब नजर 16 मार्च को होने वाली अगली सुनवाई पर है, जब हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में इस मामले पर बहस होगी। हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्ष अपने-अपने दावों के साथ अदालत में उपस्थित होंगे। अदालत का अंतिम निर्णय क्या होगा, यह भविष्य के गर्भ में है। साथ ही यह सवाल भी चर्चा में है कि यदि ऐतिहासिक साक्ष्य मंदिर की ओर संकेत करते हैं, तो आगे की प्रक्रिया क्या होगी और क्या लंदन स्थित ब्रिटिश म्यूजियम में रखी वाग्देवी की प्रतिमा को भारत वापस लाने की दिशा में भी कोई पहल होगी।