Private School Fees News: प्रदेश के 150 स्कूलों को अचानक शिक्षा विभाग ने जारी किया ये नोटिस, अभिभावकों के लिए काफी जरूरी है ये खबर, तुरंत पढ़ें

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Private School Fees News: मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग ने एक आदेश जारी किया है। प्रदेश के सभी निजी स्कूलों को 15 फरवरी तक अपनी फीस और पाठ्यपुस्तकों की जानकारी शिक्षा विभाग के पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य है।

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  • Publish Date - February 3, 2026 / 10:57 AM IST,
    Updated On - February 3, 2026 / 11:22 AM IST

private school/ image source: IBC24

HIGHLIGHTS
  • एमपी में प्राइवेट स्कूलों को 15 फरवरी तक फीस और किताबों की देनी होगी जानकारी
  • शुल्क कानून की अनदेखी करने वाले निजी स्कूलों पर सख्ती
  • पोर्टल पर सार्वजनिक नहीं किया तो कार्यवाही करेगा शिक्षा विभाग

भोपाल: मध्यप्रदेश से इस वक्त की बड़ी खबर आ रही है। यह खबर प्रदेश के प्राइवेट स्कूलों से जुड़ी है। बता दें की प्राइवेट स्कूलों को आदेश जारी किया गया है। यह आदेश स्कूल शिक्षा विभाग ने जारी किया है। यह आदेश दोनों ही अभिभावक और छात्रों के के संबंध में जरूरी माना जा रहा है। चलिए विस्तार से बताते हैं पूरा मामला क्या है।

Private School Fees: स्कूलों को 15 फरवरी तक फीस और किताबों की देनी होगी जानकारी

दरअसल मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग ने एक आदेश जारी किया है। आदेश में साफ कहा गया है कि, प्रदेश के सभी निजी यानी कि प्राइवेट स्कूलों को 15 फरवरी तक अपनी फीस और पाठ्यपुस्तकों की जानकारी शिक्षा विभाग के पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस निर्देश का पालन न करने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

शिक्षा विभाग का कहना है कि शुल्क निर्धारण कानून के तहत प्राइवेट स्कूलों को फीस संरचना और संबंधित खर्चों की जानकारी सार्वजनिक करनी अनिवार्य है। इस प्रक्रिया से न केवल माता-पिता को सारी साफ जानकारी मिलेगी, बल्कि विभाग को भी यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि कोई स्कूल गैरकानूनी ढंग से शुल्क यानी कि फीस  वसूल न करे।

MP Education News: भोपाल के 150 स्कूलों ने अब तक नहीं दी है जानकारी

Private School Fees News मामले को लेकर मिली जानकारी के अनुसार, भोपाल जिले के लगभग 150 प्राइवेट स्कूलों ने अब तक अपनी फीस और किताबों की जानकारी पोर्टल पर साझा नहीं की है। विभाग ने चेतावनी दी है कि जिन स्कूलों ने निर्धारित तय समय सीमा तक जानकारी साझा नहीं की, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई और जुर्माने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

शिक्षा विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि पोर्टल पर अपलोड की गई जानकारी को माता-पिता और आम जनता के लिए सार्वजनिक किया जाएगा। यदि स्कूल इस निर्देश का पालन नहीं करते हैं, तो विभाग उनके रजिस्ट्रेशन और संचालन पर रोक लगाने के कदम उठा सकता है।

बता दें की, यह फैसला सार्वजनिक इलसिए भी किया जाएगा ताकी, पेरेंट्स को अपने बच्चों के लिए स्कूल सिलेक्ट करने में आसानी मिल सके। साथ ही साथ विभाग भी यह सुनिश्चित कर पाएगा कि कोई स्कूल गैरकानूनी ढंग से शुल्क यानी कि फीस  वसूल न करे।

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