Samosa Kachori Price: राजधानी में महंगा हुआ स्ट्रीट फूड, कमर्शियल सिलेंडर की स्पलाई बाधित होने पर दिखा असर, जानिए अब कितने एक प्लेट समोसा और कचौरी के लिए कितना देना होगा?

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Samosa Kachori Price: राजधानी में महंगा हुआ स्ट्रीट फूड, कमर्शियल सिलेंडर की स्पलाई बाधित होने पर दिखा असर, जानिए अब कितने एक प्लेट समोसा और कचौरी के लिए कितना देना होगा?

Samosa Kachori Price: राजधानी में महंगा हुआ स्ट्रीट फूड, कमर्शियल सिलेंडर की स्पलाई बाधित होने पर दिखा असर, जानिए अब कितने एक प्लेट समोसा और कचौरी के लिए कितना देना होगा? Image: AI Generated

HIGHLIGHTS
  • कचौड़ी, समोसा, चाउमीन और बर्गर जैसे स्ट्रीट फूड की कीमतों में 5 रुपये तक की बढ़ोतरी
  • घरेलू रसोई गैस (Domestic LPG), PNG और CNG की कोई कमी नहीं
  • केंद्र सरकार के निर्देश पर रिफाइनरियों ने अपनी क्षमता बढ़ा दी

भोपाल: Samosa Kachori Price मिडिल ईस्ट-एशिया में युद्ध की स्थितियों के चलते कई देशों में पेट्रोल-डीजल और गैस की संकट की स्थिति बन गई है। वहीं, भारत में भी गैस सिलेंडर की किल्लत देखने को मिल रही है। सरकार ने कर्मिशयल सिलेंडर की सप्लाई को कम कर घरेलू सिलेंडर की सप्लाई में तेजी लाने का फैसला किया है, जिसके चलते कई शहरों में रेस्टॉरेंट और होटल बंद होने की कगार पर आ गए हैं। इसी बीच खबर आ रही है कि राजधानी भोपाल में स्ट्रीट फूड के दाम में दुकानदारों ने बढ़ोतरी कर दी है।

स्ट्रीट फूड के दाम में पांच रुपए की बढ़ोतरी

Samosa Kachori Price मिली जानकारी के अनुसार कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई बाधित होने के चलते बाजार में अब असर दिखने लगा है। स्ट्रीट फूड वेंडर्स ने खाने-पीने की चीजों के दाम में बढ़ोतरी कर दी है। बताया जा रहा है कि कचौड़ी, समोसा और अन्य स्ट्रीट फूड के दामों में इज़ाफ़ा किया गया है। फास्ट फूड आइटम्स जैसे चाउमीन, बर्गर और अन्य स्नैक्स की कीमतों में भी करीब 5 रुपए तक की बढ़ोतरी कर दी गई है।

दुकानदारों ने कहा और बढ़ेंगे दाम

दुकानदारों की मानें तो उन्हें सिलेंडर महंगे दामों में खरीदना पड़ रहा है, जिसकी वजह से लागत बढ़ गई है। ऐसे में घाटे से बचने के लिए मजबूरी में खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ाने पड़े हैं। अगर कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई जल्द सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में स्ट्रीट फूड के दामों में और बढ़ोतरी हो सकती है।

घरेलू रसोई गैस की कोई कमी नहीं: सीएम मोहन यादव

दूसरी ओर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वर्तमान में मिडिल ईस्ट-एशिया में युद्ध की स्थितियों के संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मंत्रीगण सजग हैं। नागरिकों को चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है, केंद्र और राज्य सरकार के स्तर पर कालाबाजारी रोकने के लिए पूरे प्रबंधन किए गए हैं। नागरिकों को रसोई गैस संबंधी परेशानी नहीं होगी। प्रदेश में घरेलू रसोई गैस सहित पीएनजी और सीएनजी की कोई कमी नहीं है और उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

एलपीजी उत्पादन में 25 प्रतिशत की वृद्धि

उन्होंने आगे कहा कि पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक गतिविधियों के कारण से पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस के संबंध में वर्तमान स्थितियों में अभी तक अधिकांश कच्चे तेल की आपूर्ति स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होती थी, जिसे परिवर्तित कर अन्य स्थानों से भी कच्चे तेल की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। साथ ही देश की रिफाइनरी उच्च क्षमता पर कार्य कर रही है। प्राकृतिक गैस की आपूर्ति के लिये वैकल्पिक आपूर्तिकर्ता के माध्यम से खरीदी प्रक्रिया जारी है। घरेलू पीएनजी और सीएनजी की आपूर्ति बिना कटौती के हो रही है। रिफाइनरी को एलपीजी उत्पादन अधिकतम करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे वर्तमान में एलपीजी उत्पादन में लगभग 25 प्रतिशत की वृद्धि भी हुई है।

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भोपाल में स्ट्रीट फूड के दाम क्यों बढ़े हैं?

कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई बाधित होने और महंगे दामों पर उपलब्ध होने के कारण दुकानदारों की लागत बढ़ गई है, जिसकी भरपाई के लिए उन्होंने खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ा दिए हैं।

क्या आने वाले दिनों में कीमतें और बढ़ सकती हैं?

जी हाँ, दुकानदारों का कहना है कि यदि कमर्शियल गैस की सप्लाई जल्द सामान्य नहीं हुई, तो लागत बढ़ने के कारण कीमतों में और भी इजाफा करना पड़ सकता है।

घरेलू गैस सप्लाई को लेकर सरकार का क्या स्टैंड है?

मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार स्थिति पर सजग हैं। घरेलू उपभोक्ताओं को चिंता करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि उनके लिए गैस की कोई कमी नहीं है।

कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर क्या वैकल्पिक इंतजाम किए गए हैं?

पहले अधिकांश तेल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) से आता था, लेकिन अब सरकार ने अन्य वैकल्पिक मार्गों और आपूर्तिकर्ताओं से कच्चे तेल की आवक सुनिश्चित की है।

कालाबाजारी रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?

सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्य और केंद्र स्तर पर कालाबाजारी रोकने के लिए कड़े प्रबंधन किए गए हैं और गैस पाइपलाइन के संचालन की निरंतर निगरानी की जा रही है।