CG PM Awas Controversy/Image Credit: IBC24.in
CG PM Awas Controversy: रायपुर: 2023 के चुनाव में बड़े मुद्दों में प्रधानमंत्री आवास भी एक प्रमुख मुद्दा रहा है, तब विपक्ष में बैठी बीजेपी ने कांग्रेस के खिलाफ ‘मोर आवास मोर अधिकार आंदोलन’ शुरु कर जमकर घेरा। आरोप लगा कि भूपेश सरकार ने, जानबूझकर प्रदेश में पीएम आवास के लिए राज्यांश नहीं दिया। विवाद इतना बढ़ा कि तत्कालीन मंत्री टीएस सिंहदेव ने संबंधित विभाग ही छोड़ दिया। कांग्रेस को घेरने भाजपा ने किया था, मौजूदा साय सरकार ने आते ही सबसे पहले 18 लाख आवासों के लिए राशि स्वीकृत की। अब इसी योजना में प्रगति को लेकर प्रदेश के डिप्टी CM विजय शर्मा ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। जिसमें 18 लाख में से 10 लाख आवास पूर्ण होने की जानकारी दी है। साथ ही पिछली सरकार के दौर में टीएस सिंहदेव के इस्तीफे की याद दिलाई है। (CG PM Awas Controversy) पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रति आभार भी जताया गया है। दिलचस्प बात ये कि इस पर कांग्रेस नेताओं के विरोधाभासी बयान दिखे। अधूरे आवास पर इस्तीफे की बात को टीएस सिंहदेव खुलकर स्वीकार कर रहे हैं जबकि PCC चीफ दीपक बैज भाजपा पर झूठ बोलने का आरोप लगा रहे हैं।
टीएस की स्वीकारोक्ति और बैज के बयान पर डिप्टी CM अरुण साव ने पलटवार किया। साव ने कहा कि ये वादे निभावे वाली बीजेपी सरकार है जिसने मात्र ढाई साल में 10 लाख आवास पूर्ण कर जनता को सौंप दिये हैं। (CG PM Awas Controversy) सांसद संतोष पांडेय ने तंज कसते हुए कहा कि भूपेश बघेल ने लोगों को बेघर किया इसलिए बेदखल हुए।
तो TS बाबा का ये कहना कि बीजेपी उन्हें आवास योजना पर उनके स्टैंड के लिए याद करती है। बीजेपी ने इसे खारिज कर, कटाक्ष किया है कि, इतिहास अच्छे और बुरे दोनों फैसलों के लिए याद रखती है। बेहतर बात ये कि 18 लाख आवासों में से 10 लाख आवासों के पूरे हो चुके हैं जो वादे को पूरे होने के साथ-साथ गरीबों के लिए वाकई बड़ी राहत की बात है। (CG PM Awas Controversy) जाहिर है लाभान्वित लोगों का साथ और भरोसा बीजेपी सरकार पर बढ़ेगा।
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