‘इन वजहो ने निशांक को किया था बेचैन और ब्लैकमेल’ बीटेक छात्र के मामले में पुलिस का बड़ा बयान

भोपाल में बीटेक छात्र निशांक राठौर की मौत की जांच में नए खुलासे हुए हैं। पुलिस के मुताबिक निशांक ने कई चाइनीज ऐप से लोन ले रखा था। ऐप के लोग उसे पैसा वापस करने का दबाव बना रहे थे।

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  • Publish Date - July 28, 2022 / 01:08 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:35 PM IST

Bhopal News: भोपाल में बीटेक छात्र निशांक राठौर की मौत की जांच में नए खुलासे हुए हैं। पुलिस के मुताबिक निशांक ने कई चाइनीज ऐप से लोन ले रखा था। ऐप के लोग उसे पैसा वापस करने का दबाव बना रहे थे। इसके साथ ही वो उसे ब्लैकमेल भी कर रहे थे। इस वजह से वह तनाव में था। पुलिस का कहना है कि उसने अपने कुछ दोस्तों से भी पैसे उधार लिए थे। इन पैसों को उसने मौज-मस्ती पर खर्च किए थे।पुलिस उसके दोस्तों से भी पूछताछ कर रही है।

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पुलिस की जांच में क्या सामने आया

गृहमंत्री नरोत्तम मिश्र के आदेश पर एक एसआईटी इस मामले की जांच कर रही है।एसआईटी की अबतक की जांच में यह पता चला है कि इस मामले में कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं है। पुलिस को निशांक के मोबाइल की जांच में लोन देने वाले 17-18 ऐप की जानकारी मिली है। पुलिस के मुताबिक उसने अपने कुछ दोस्तों से भी उधार ले रखे थे, हालांकि दोस्तों से लिया गया पैसा बहुत ज्यादा नहीं था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक ऐप से कर्ज देने वाले उसे ब्लैकमेल भी कर रहे थे।

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कब और कहां हुई थी घटना

दरअसल रविवार रात रायसेन जिले के बरखेड़ा स्टेशन मास्टर की सूचना पर रायसेन पुलिस ने रेलवे ट्रैक से एक अज्ञात युवक का शव बरामद किया था। जिसकी पहचान सिवनी मालवा निवासी निशांक राठौर के रूप में हुई थी। वह भोपाल के ओरियंटल कॉलेज में बीटेक 5th सेमेस्टर का स्टूडेंट था। मृतक छात्र दो बहनों का इकलौता भाई था। रविवार को वह किराए पर एक स्कूटी लेकर परीक्षा देने आई अपनी बहन से मिलने निकला था। लेकिन वह अपनी बहन से मिला नहीं था। शाम को उसके मोबाइल से एक मैसेजे उसके पिता उमाशंकर राठौर और उसके कुछ दोस्तों के पास आया था। इसमें स्टूडेंट की फोटो है। इस फोटो पर लिखा है, ”गुस्ताख-ए-नबी की एक ही सजा, सिर तन से जुदा…” पुलिस फिलहाल जांच पूरी होने के बाद ही कुछ खुलासा करने की बात कह रही है।

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एसआईटी कर रही है जांच

मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने मंगलवार को इस मामले की जांच एसआईटी से कराने की घोषणा की थी। उनके आदेश पर रायसेन के पुलिस अधीक्षक ने एक एसआईटी गठित कर दी है। इसमें पांच पुलिस अधिकारी शामिल किए गए हैं। रायसेन के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमृत मीणा को इसका प्रमुख बनाया गया है। उनके अलावा मलकीत सिंह, औबेदुल्लागंज के थाना प्रभारी संदीप चौरसिया, मंडीदीप पुलिस थाने के प्रभारी मनोज सिंह और सतलापुर के थाना प्रभारी विजय त्रिपाठी को इसका सदस्य बनाया गया है।

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