Twisha Sharma Death Case: ट्विशा शर्मा की मौत का सच जानने के लिए परिजनों ने उठाया बड़ा कदम! जिला कोर्ट के इस फैसले को चुनौती देने हाईकोर्ट जा सकता है परिवार
Bhopal के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में जिला अदालत ने दोबारा पोस्टमार्टम की मांग खारिज कर दी है। अब परिवार हाईकोर्ट का रुख कर सकता है। इस बीच National Commission for Women ने स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से 7 दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
Twisha Sharma Death Case / Image Source : FILE
- जिला कोर्ट ने दोबारा पोस्टमार्टम (PM-2) की मांग ठुकराई
- परिवार अब हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सकता है
- महिला आयोग ने 7 दिन में ATR और जांच प्रगति रिपोर्ट मांगी
भोपाल : Twisha Sharma Death Case भोपाल में सामने आए ट्विशा शर्मा मौत मामले ने नया मोड़ ले लिया है। मृतका के परिवार की ओर की गई दोबारा पोस्टमार्टम की मांग को कल भोपाल जिला कोर्ट ने खारिज कर दिया था। इस मामले में अब ट्विशा का परिवार दोबारा पोस्टमार्टम की मांग को लेकर हाई कोर्ट का रुख कर सकता है। कल परिवार को जिला कोर्ट से दोबारा पोस्टमार्टम के लिए अनुमति नहीं मिली थी और कोर्ट ने पीएम-2 की मांग पर राहत देने से इनकार किया था।
Twisha Sharma Postmortemक्या है पूरा मामला ?
बता दें कि यह मामला भोपाल के कटारा हिल्स क्षेत्र का है, जहां 12 मई की रात ट्विशा शर्मा का शव उनके घर में मिला था। मृतका के परिवार ने इसे हत्या बताया है, जबकि ससुराल पक्ष का दावा है कि यह आत्महत्या का मामला है। इस मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस सभी पहलुओं को खंगाल रही है।
व्हाट्सप्प चैट्स से उलझी मौत की गुथी
जांच के दौरान सामने आए व्हाट्सऐप चैट्स में ट्विशा शर्मा ने अपने परिवार को कई बार ससुराल पक्ष द्वारा प्रताड़ित किए जाने की बात कही थी। मृतका के परिवार ने दोबारा पोस्टमार्टम की मांग को लेकर कोर्ट में याचिका लगाई थी। ।कल मृतका के परिवार की ओर की गई दोबारा पोस्टमार्टम की मांग को भोपाल जिला कोर्ट ने खारिज कर दिया है। यानी अब ट्विशा का दोबारा पोस्टमार्टम नहीं होगा। हालांकि कोर्ट ने उनकी बॉडी को मध्यप्रदेश में कहीं भी रखने की अनुमति दी है। कोर्ट ने शर्त रखी है कि जहां उनके शव का रखा जाएगा, वहां का तापमान -80 डिग्री होना चाहिए। कोर्ट ने यह भी कहा है कि ट्विशा के शव को मध्यप्रदेश से बाहर ले जाने की अनुमति नहीं होगी।
Twisha Sharma Death Case राष्ट्रीय महिला आयोग ने मांगी ATR
इसी मामले को लेकर राष्ट्रीय महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन और डीजीपी कैलाश मकवाना को पत्र लिखकर तत्काल, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच के निर्देश दिए हैं। आयोग ने 7 दिन के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) मांगी है। साथ ही FIR में लगाई गई धाराओं, समर्थ की गिरफ्तारी, पासपोर्ट इंपाउंडमेंट, CCTV फुटेज, कॉल रिकॉर्ड और फॉरेंसिक साक्ष्यों पर अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी भी देने को कहा है। आयोग ने पीड़िता के परिवार को किसी भी प्रकार की धमकी या दबाव से सुरक्षा दिलाने के निर्देश भी दिए हैं।
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