UCC Bill in Madhya Pradesh: प्रदेश के सीएम का बड़ा ऐलान.. विधानसभा के मानसून सत्र में लाया जाएगा UCC बिल, जानें कब से शुरू हो रहा सेशन

Uniform Civil Code in Madhya Pradesh: मध्यप्रदेश में यूसीसी लागू करने की तैयारी तेज, मानसून सत्र में विधेयक पेश करने का ऐलान।

UCC Bill in Madhya Pradesh: प्रदेश के सीएम का बड़ा ऐलान.. विधानसभा के मानसून सत्र में लाया जाएगा UCC बिल, जानें कब से शुरू हो रहा सेशन

Uniform Civil Code in Madhya Pradesh || Image- AI Generated File

Modified Date: June 17, 2026 / 07:45 pm IST
Published Date: June 17, 2026 7:45 pm IST
HIGHLIGHTS
  • मानसून सत्र में यूसीसी विधेयक लाने की तैयारी।
  • 20 से 24 जुलाई तक चलेगा विधानसभा सत्र।
  • कांग्रेस ने आदिवासी समुदायों को लेकर सवाल उठाए।

भोपाल। मध्यप्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) लागू करने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम बढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बुधवार को घोषणा की कि आगामी मानसून सत्र में यूसीसी विधेयक विधानसभा में पेश किया जाएगा। (Uniform Civil Code in Madhya Pradesh) उन्होंने कहा कि सरकार कई महत्वपूर्ण विषयों को आगे बढ़ाने जा रही है, जिनमें यूनिफॉर्म सिविल कोड प्रमुख है।

20 जुलाई से शुरू होकर 24 जुलाई तक चलेगा सत्र

मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि भगवान महाकाल के आशीर्वाद से यूसीसी विधेयक आगामी विधानसभा सत्र में पारित भी हो सकता है। मध्यप्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 24 जुलाई तक चलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अलग-अलग धर्मों के आधार पर विवाह और पारिवारिक मामलों में अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों का पालन करने की व्यवस्था अब आवश्यक नहीं रह गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड, गुजरात और असम की तर्ज पर मध्यप्रदेश में भी यूसीसी लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।

गठित की जा चुकी है समिति, मांग रहे सुझाव

यूसीसी को लेकर सरकार पहले ही जन सुझाव अभियान शुरू कर चुकी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि एक पूर्व सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया है। इस समिति में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ और विद्वान शामिल हैं। (Uniform Civil Code in Madhya Pradesh) समिति राज्य के विभिन्न जिलों में जाकर सभी धर्मों और समुदायों के लोगों से सुझाव प्राप्त कर रही है। इसके लिए एक विशेष वेबसाइट भी शुरू की गई है, जहां नागरिक अपने सुझाव दर्ज कर सकते हैं।

कांग्रेस ने उठाये विरोध के सुर

वहीं, कांग्रेस ने यूसीसी प्रस्ताव का विरोध किया है। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब आदिवासी समुदायों को इसके दायरे से बाहर रखा गया है तो इसे यूनिफॉर्म सिविल कोड कैसे कहा जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस कानून का विरोध होना चाहिए क्योंकि इससे लिव-इन रिलेशनशिप को बढ़ावा मिलेगा।

गौरतलब है कि देश में सबसे पहले उत्तराखंड ने फरवरी 2024 में यूसीसी कानून पारित किया था। इसके बाद गुजरात ने मार्च 2026 में लंबी बहस के बाद यूसीसी विधेयक को मंजूरी दी। (Uniform Civil Code in Madhya Pradesh) वहीं मई 2026 में असम ने भी यूसीसी कानून पारित किया, जिसमें विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े मामलों के लिए एक समान कानूनी व्यवस्था का प्रावधान किया गया है।

इन्हें भी पढ़ें:

उप्र: ग्राम समाज की जमीन पर बनी मस्जिद अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत ढहाई गई

अर्जुन और वीर पिकलबॉल विश्व कप में भारतीय जूनियर टीम की कप्तानी करेंगे

जगुआर लैंडरोवर ने मध्यम अवधि में राजस्व में दहाई अंक वाली वृद्धि का लक्ष्य रखा

बीएमडब्ल्यू ने स्थानीय स्तर पर तैयार मिनी कंट्रीमैन सी पेश की, शुरुआती कीमत 47.5 लाख रुपये

भारत का रणनीतिक भंडार कच्चे तेल के आयात की केवल नौ-10 दिन की जरूरत के बराबर: रिपोर्ट


सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

लेखक के बारे में

A journey of 10 years of extraordinary journalism.. a struggling experience, opportunity to work with big names like Dainik Bhaskar and Navbharat, priority given to public concerns, currently with IBC24 Raipur for three years, future journey unknown