इंदौरः MP News: भारत की अध्यक्षता में मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में जून के दौरान ब्रिक्स के कृषि मंत्रियों की दो दिवसीय बैठक आयोजित होगी जिसमें खाद्य सुरक्षा, ‘स्मार्ट’ खेती, अंतरराष्ट्रीय कृषि व्यापार और किसान कल्याण सहित अलग-अलग महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 12 और 13 जून को आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर रविवार को शहर में अफसरों के साथ बैठक की और इंतजामों की समीक्षा की। इसके बाद दोनों नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की।
MP News: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस बार ब्रिक्स की अध्यक्षता भारत के पास है और यह गर्व की बात है कि कृषि से जुड़ी अहम बैठक के लिए इंदौर को चुना गया है। शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि ब्रिक्स देशों में विश्व की आधे से ज्यादा आबादी निवास करती है। दुनिया की 42 प्रतिशत कृषि भूमि और 68 प्रतिशत किसान इन देशों में हैं। ऐसे में इंदौर में होने वाली यह बैठक वैश्विक कृषि दिशा तय करने वाली साबित हो सकती है। बैठक में खाद्य सुरक्षा, जलवायु स्मार्ट कृषि, देशों के बीच कृषि व्यापार, किसान कल्याण, डिजिटल फार्मिंग और AI आधारित कृषि जैसे विषयों पर चर्चा होगी। बैठक के बाद साझा घोषणा पत्र भी जारी किया जाएगा।
वहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि अहिल्या माता की नगरी इंदौर अतिथि सत्कार के लिए जानी जाती है। सभी मेहमानों का स्वागत मालवा-निमाड़ की संस्कृति के अनुरूप किया जाएगा। 11 जून को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में रात्रि भोज का आयोजन भी होगा। विदेशी मेहमानों को इंदौर के प्रमुख पर्यटन और सांस्कृतिक स्थलों से भी रूबरू कराया जाएगा। रजवाड़ा, ग्रामीण हाट बाजार, छप्पन दुकान और प्रस्तावित तौर पर मांडव भ्रमण कार्यक्रम भी रखा जा सकता है। इंदौर पहले स्वच्छता, खानपान और मेहमाननवाज़ी के लिए देशभर में पहचान रखता है। अब ब्रिक्स देशों की बड़ी कृषि बैठक के जरिए शहर को वैश्विक मंच पर नई पहचान मिलने जा रही है। जहां दुनिया के कई देशों के प्रतिनिधि जुटेंगे और कृषि के भविष्य पर मंथन करेंगे। कुल मिलाकर जून में इंदौर सिर्फ शहर नहीं, बल्कि दुनिया की कृषि नीति का एक बड़ा केंद्र बनने जा रहा है।