Chhindwara Lavarish Mithai Kand: लावारिस मिठाई कांड से मचा हड़कंप! प्रसाद समझकर लोगों ने खाए, लेकिन बन गया जानलेवा, अब तक इतने लोगों की दर्दनाक मौत

Chhindwara Lavarish Mithai Kand: लावारिस मिठाई कांड से मचा हड़कंप! प्रसाद समझकर लोगों ने खाए, लेकिन बन गया जानलेवा, अब तक इतने लोगों की दर्दनाक मौत

Chhindwara Lavarish Mithai Kand: लावारिस मिठाई कांड से मचा हड़कंप! प्रसाद समझकर लोगों ने खाए, लेकिन बन गया जानलेवा, अब तक इतने लोगों की दर्दनाक मौत

Chhindwara Lavarish Mithai Kand/Image Source: IBC24


Reported By: Ajay Dwivedi,
Modified Date: January 14, 2026 / 12:23 pm IST
Published Date: January 14, 2026 12:19 pm IST
HIGHLIGHTS
  • जुन्नारदेव लावारिस मिठाई कांड
  • तीसरी मौत से मचा हड़कंप
  • हादसा नहीं साजिश?

छिंदवाड़ा: Chhindwara Lavarish Mithai Kand: जुन्नारदेव लावारिस मिठाई कांड यह हादसा है या किसी गहरी साजिश का हिस्सा? लावारिस मिठाई खाने से तीसरी मौत ने इस पूरे मामले को और रहस्यमय बना दिया है। नागपुर में इलाज के दौरान 24 वर्षीय खुशबू कथूरिया की मौत हो गई है। इससे पहले इस मामले में पीएचई के चौकीदार दशरथ यदुवंशी और 75 वर्षीय बुजुर्ग सुंदरलाल कथूरिया की जान जा चुकी है। लगातार तीन मौतों के बाद यह आशंका और गहरी हो गई है कि कहीं यह मामला किसी बड़ी साजिश से जुड़ा तो नहीं। फिलहाल मिठाई में जहर होने की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

जुन्नारदेव लावारिस मिठाई कांड (Junnardeo Lavarish Mithai Kand)

Chhindwara Lavarish Mithai Kand: छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव में लावारिस थैले में मिली पंजाबी पिन्नी मिठाई खाने से अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। बुधवार को नागपुर में उपचार के दौरान 24 वर्षीय खुशबू कथूरिया ने दम तोड़ दिया। इससे पहले उसके दादा सुंदरलाल कथूरिया और पीएचई विभाग के चौकीदार दशरथ यदुवंशी की मौत हो चुकी थी। यह पूरा मामला 9 जनवरी को तब सामने आया, जब पीएचई कार्यालय के पास पड़े एक लावारिस थैले में रखी मिठाई को इन लोगों ने प्रसाद समझकर खा लिया।

जुन्नारदेव में तीसरी जान गई (Chhindwara Mithai Poison Case)

Chhindwara Lavarish Mithai Kand: जांच में सामने आया है कि मिठाई हाई-क्वालिटी डिब्बे में पैक थी, लेकिन उस पर किसी दुकान या निर्माता का नाम दर्ज नहीं था। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस तरह की पंजाबी पिन्नी की छिंदवाड़ा क्षेत्र में आमतौर पर मांग नहीं है और इसकी कीमत 700 से 800 रुपये प्रति किलो बताई जा रही है। बिना लेबल के महंगे डिब्बे ने पुलिस के संदेह को और गहरा कर दिया है। फिलहाल परिवार के दो अन्य सदस्यों का इलाज जारी है।पुलिस ने मिठाई और मृतकों के बिसरा के नमूने फॉरेंसिक जांच के लिए जबलपुर भेज दिए हैं। साथ ही पुलिस उस अज्ञात व्यक्ति की तलाश में जुटी है, जिसने वह लावारिस थैला घटनास्थल पर छोड़ा था।

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लेखक के बारे में

टिकेश वर्मा- जमीनी पत्रकारिता का भरोसेमंद चेहरा... टिकेश वर्मा यानी अनुभवी और समर्पित पत्रकार.. जिनके पास मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव हैं। राजनीति, जनसरोकार और आम लोगों से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से सरकार से सवाल पूछता हूं। पेशेवर पत्रकारिता के अलावा फिल्में देखना, क्रिकेट खेलना और किताबें पढ़ना मुझे बेहद पसंद है। सादा जीवन, उच्च विचार के मानकों पर खरा उतरते हुए अब आपकी बात प्राथिकता के साथ रखेंगे.. क्योंकि सवाल आपका है।