मंदसौर (मध्यप्रदेश), 29 जनवरी (भाषा) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बृहस्पतिवार को भावांतर भुगतान योजना की अंतिम किश्त के रूप में प्रदेश के 1.17 लाख सोयाबीन किसानों के खातों में लगभग 200 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की।
जिले के मल्हारगढ़ में आयोजित अन्नदाता सम्मान समारोह में लाभार्थी किसानों के खातों में राशि अंतरित करने के बाद मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि योजना प्रारंभ होने से अब तक 7.10 लाख से अधिक किसानों को सरकार लगभग 1500 करोड़ रुपये की राशि दे चुकी है।
उन्होंने कहा, ‘‘मौसम कोई भी हो, किसानों को हमेशा अपने खेत-खलिहान की ही चिंता रहती है। फसल अच्छी हो, तो सालभर की हरियाली… पर किसी वजह से कम पैदावार हो जाए, कीड़ा लग जाए, ओला-पाला से फसल खराब हो जाए, तो फिर सालभर का सूखा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘पर अब ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। किसान हमारे अन्नदाता हैं, इन्हें कोई भी परेशानी हो, कठिनाई हो, तो हमारी सरकार किसानों का संबल और इनकी ढाल बनकर हमेशा साथ खड़ी है।’’
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘किसानों की समृद्धि में ही प्रदेश की समृद्धि है। भावांतर भुगतान योजना किसानों के जीवन में समृद्धि लाने के लिए सरकार का प्रयास है। यह योजना किसानों के कठिन तप, साधना और समर्पण का सम्मान है।’’
मुख्यमंत्री यादव ने इस अवसर पर यह घोषणा भी की कि सरकार आने वाले वर्षों में सरसों और मूंगफली की फसल को भी भावांतर भुगतान योजना के दायरे में लेकर आएगी।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र में 51.91 करोड़ रुपये की लागत से मंदसौर-नीमच राज्य राजमार्ग पर 4 लेन फ्लाईओवर निर्माण तथा पिपलिया मंडी में 5.53 करोड़ रूपए लागत से बनने वाले रेलवे अंडरब्रिज निर्माण कार्य का भूमि-पूजन किया।
उन्होंने मल्हारगढ़ रेलवे स्टेशन से नारायणगढ़ मार्ग पर 2.06 करोड़ रुपये की लागत से नवनिर्मित रेलवे अंडरपास का लोकार्पण भी किया।
भाषा ब्रजेन्द्र शफीक
शफीक