दतिया उपचुनाव : भाजपा, कांग्रेस के उम्मीदवारों ने दाखिल किए नामांकन

Ads

दतिया उपचुनाव : भाजपा, कांग्रेस के उम्मीदवारों ने दाखिल किए नामांकन

  •  
  • Publish Date - July 13, 2026 / 06:01 PM IST,
    Updated On - July 13, 2026 / 06:01 PM IST

दतिया, 13 जुलाई (भाषा) मध्यप्रदेश में दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए नामांकन के आखिरी दिन सोमवार को सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार आशुतोष तिवारी और विपक्षी कांग्रेस के उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने नामांकन दाखिल किए।

कलेक्टर कार्यालय में तिवारी के नामांकन के अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, प्रदेश प्रभारी महेन्द्र सिंह और पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा मौजूद रहे जबकि कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह के नामांकन के दौरान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, भांडेर से विधायक फूल सिंह बरैया और दतिया जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अशोक दांगी उपस्थित थे।

नामांकन के इस अवसर पर दोनों दलों ने अपनी राजनीतिक शक्ति का प्रदर्शन करते हुए जनसभाओं का आयोजन किया और दतिया की जनता से अपने-अपने दलों के उम्मीदवारों को भारी बहुमत से जीत दिलाने की अपील की।

नामांकन के बाद किला चौक पर आयोजित जनसभा में भाजपा उम्मीदवार तिवारी ने नरोत्तम मिश्रा को बड़ा भाई और अभिभावक करार दिया तो मिश्रा ने रुंधे गले से कहा कि वह तिवारी की जीत तय करने के लिए दतिया के घर-घर में शीश झुकाएंगे।

इस अवसर पर मंच पर मौजूद मुख्यमंत्री मोहन यादव, महेंद्र सिंह, उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल उन्हें ढाढस बंधाते नजर आए।

मोहन यादव ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि दतिया उपचुनाव में लड़ाई राजा और रंक की है क्योंकि कांग्रेस की मानसिकता जमीन पर टिकने वाली नहीं होती।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारी पार्टी कार्यकर्ताओं की पार्टी है, राजा-महाराजाओं की नहीं है।’’

कांग्रेस उम्मीदवार सिंह दतिया राजघराने से ताल्लुक रखते हैं।

यादव ने नरोत्तम मिश्रा को मंच पर अपने नजदीक बुलाया और कहा कि यह उपचुनाव उनके नेतृत्व में लड़ा जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने मिश्रा से कहा, ‘‘आशुतोष छोटा भाई है। इसे आपके सुपुर्द करता हूं।’’

इस उपचुनाव में मिश्रा टिकट के प्रबल दावेदार थे लेकिन पार्टी ने उन्हें टिकट से वंचित करते हुए तिवारी को उम्मीदवार बनाया है। साल 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने मिश्रा को 7,500 से अधिक मतों के अंतर से हराया था।

हालांकि, दिल्ली की एक अदालत ने अप्रैल में धोखाधड़ी के एक मामले में भारती को तीन साल की जेल की सजा सुनाई थी, जिसके बाद उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई और दतिया सीट पर उपचुनाव की आवश्यकता पड़ी। बाद में भारती को जमानत मिल गई।

दतिया विधानसभा सीट पर मतदान 30 जुलाई को होगा और मतगणना तीन अगस्त को की जाएगी।

कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह के नामांकन के बाद भैरव मंदिर के पास आमसभा हुई, जिसमें प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, पूर्व नेता प्रतिपक्ष राहुल सिंह ऊर्फ ‘राहुल भैया’, दतिया से पूर्व विधायक राजेंद्र भारती सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।

कांग्रेस नेताओं ने दतिया की जनता से लोकतंत्र की गरिमा को ठेस पहुंचाने, उपचुनाव थोपने और जनमत का अनादर करने के लिए भाजपा को लोकतांत्रिक तरीके से सबक सिखाने का आह्वान किया।

उन्होंने जनता से पुनः कांग्रेस पर अपना विश्वास जताकर जनहित और लोकतांत्रिक मूल्यों की जीत सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

सिंह के नामांकन के लिए समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज यादव भी पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे और उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार को ‘इंडिया’ गठबंधन का उम्मीदवार बताया।

कांग्रेस ने हाल ही में राज्यसभा चुनाव में मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होने की घटना से सीख लेते हुए दतिया उपचुनाव में एक ‘डमी’ उम्मीदवार भी उतारा है।

सिंघार ने संवाददाताओं से बातचीत में बताया कि दतिया विधानसभा के उपचुनाव में कांग्रेस ने ‘डमी उम्मीदवार’ भी उतारा है और उसका नामांकन स्वीकार हो गया है।

उपचुनाव में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रत्याशी दामोदर सिंह यादव पहले ही अपना नामांकन पत्र दाखिल कर चुके हैं।

नामांकन प्रक्रिया को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने कलेक्ट्रेट परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे और निर्वाचन आयोग के निर्देशों के मुताबिक केवल उम्मीदवार और अधिकृत लोगों को ही परिसर में प्रवेश दिया गया।

भाषा

ब्रजेन्द्र रवि कांत