दतिया ने मध्यप्रदेश की राजनीति में बदलाव का शंखनाद किया: कांग्रेस

दतिया ने मध्यप्रदेश की राजनीति में बदलाव का शंखनाद किया: कांग्रेस

दतिया ने मध्यप्रदेश की राजनीति में बदलाव का शंखनाद किया: कांग्रेस
Modified Date: August 3, 2026 / 06:13 pm IST
Published Date: August 3, 2026 6:13 pm IST

भोपाल, तीन अगस्त (भाषा) कांग्रेस की मध्यप्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव में पार्टी उम्मीदवार घनश्याम सिंह की जीत को साल 2028 के विधानसभा चुनाव का शंखनाद और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार के कथित भ्रष्टाचार व सत्ता के अहंकार का प्रतिकार करार दिया।

पटवारी ने इसे दतिया की जनता की जीत और कांग्रेस नेताओं के सामूहिक प्रयास का नतीजा भी बताया।

उपचुनाव में घनश्याम सिंह ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी एवं भाजपा के उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को 6,016 मतों से पराजित कर दिया।

जिला निर्वाचन अधिकारी और दतिया के जिलाधिकारी स्वप्निल वानखड़े ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि 15वें और आखिरी दौर की मतगणना के बाद घनश्याम सिंह को 66,757 मत मिले, जबकि तिवारी को 60,741 मत प्राप्त हुए। उन्होंने बताया कि तीसरे स्थान पर रहे आजाद समाज पार्टी के उम्मीदवार दामोदर यादव को 22,527 मत मिले।

पटवारी ने संवाददाताओं से बातचीत में दावा किया कि ‘‘दतिया की जनता ने मध्यप्रदेश की भाजपा नीत सरकार के भ्रष्टाचार, आतंक और अहंकार के चेहरे को बेनकाब कर दिया है।’’

उन्होंने कहा कि ‘‘पार्टी दतिया की जनता का जीवन भर आभारी रहेगी, जिन्होंने मध्यप्रदेश में 2028 के विधानसभा चुनाव का शंखनाद करते हुए बदलाव और भाजपा की विदाई की नींव रख दी है।’’

पटवारी ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, उनके पुत्र व विधायक जयवर्धन सिंह, विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा और कमलेश्वर पटेल सहित कई अन्य नेताओं का नाम लेते हुए इसे पार्टी के सामूहिक प्रयास का नतीजा बताया।

उन्होंने उपचुनाव में कांग्रेस की जीत का श्रेय समाजवादी पार्टी और उसके मुखिया अखिलेश यादव को भी दिया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पटवारी ने कहा कि दतिया की जनता ने अपने मत से एक नई दिशा में प्रदेश को ले जाने के लिए रास्ता दिखाया है और बताया है कि देश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व को पसंद करने लगा है तथा उनके उठाए मुद्दों पर दतिया की जनता ने मुहर लगाया है।

उन्होंने कहा कि ‘जेन-जेड’ का देश में जो आंदोलन हुआ और राहुल गांधी ने जिस प्रकार से उसका समर्थन किया, उसका असर भी चुनाव में साफ तौर पर देखने को मिला।

‘जेन जेड’ उस पीढ़ी को कहा जाता है जो 1997 से 2012 के बीच पैदा हुई है। यह वह युवा वर्ग है जो तकनीक, इंटरनेट और सोशल मीडिया के साथ बड़ा हुआ है। इन्हें डिजिटल नेटिव्स भी कहा जाता है क्योंकि इनका जीवन स्मार्टफोन, इंटरनेट और सोशल मीडिया से जुड़ा माना गया है।

पटवारी ने मतगणना से एक दिन पहले पूर्व विधायक राजेंद्र भारती को कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित किए जाने संबंधी एक सवाल पर कहा कि यह नई कांग्रेस है और नई कांग्रेस में पार्टी की राह में बाधा उत्पन्न करने को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

भारती की विधानसभा सदस्यता समाप्त होने के कारण ही दतिया सीट पर उपचुनाव की आवश्यकता पड़ी थी। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक वह, घनश्याम सिंह को उम्मीदवार बनाए जाने से नाराज थे और इसलिए चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने उनका सहयोग नहीं किया।

भारती ने 2023 के विधानसभा चुनाव में राज्य के तत्कालीन गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को 7,700 से अधिक मतों से हराया था।

भाषा ब्रजेन्द्र अमित

अमित


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