भोपाल, 20 जून (भाषा) मध्यप्रदेश के जबलपुर स्थित रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (आरडीवीवी) के दीक्षांत समारोह में रविवार को विद्यार्थियों को ऐसी डिग्रियां प्रदान की जाएंगी, जिनमें ‘इंडिया’ के स्थान पर ‘भारत’ शब्द का उपयोग किया गया है। इस समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी शामिल होंगी।
विश्वविद्यालय के कुलपति राजेश वर्मा ने समारोह की पूर्व संध्या पर ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि कार्यकारी परिषद के एक प्रस्ताव के बाद विश्वविद्यालय ने ‘इंडिया’ के स्थान पर ‘भारत’ शब्द का उपयोग करने का निर्णय लिया था।
उन्होंने कहा, ‘‘कार्यकारी परिषद ने प्रस्ताव पारित किया था कि विश्वविद्यालय की डिग्रियों, अंकसूचियों और सभी आधिकारिक पत्राचार में ‘इंडिया’ की जगह ‘भारत’ शब्द का इस्तेमाल किया जाए। इसके बाद से यह बदलाव विश्वविद्यालय के सभी आधिकारिक संचार में लागू कर दिया गया है।’’
वर्मा ने बताया कि समारोह से संबंधित सभी दस्तावेजों, आमंत्रण पत्रों, बैनरों, पोस्टरों और आधिकारिक पत्राचार में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का उल्लेख ‘भारत की राष्ट्रपति’ तथा संस्थान का उल्लेख ‘रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर, मप्र, भारत’ के रूप में किया गया है।
उन्होंने दावा किया कि ‘इंडिया’ के स्थान पर ‘भारत’ शब्द वाली डिग्रियां जारी करने वाले देश के शुरुआती राज्य विश्वविद्यालयों में आरडीवीवी शामिल है।
इस निर्णय के कारणों का उल्लेख करते हुए कुलपति ने कहा, ‘‘संविधान में कहा गया है, ‘इंडिया अर्थात भारत’। संविधान के अनुच्छेद 1(1) में उल्लेख है कि ‘इंडिया अर्थात भारत, राज्यों का एक संघ होगा।’’
वर्मा ने कहा कि भारत की जी-20 अध्यक्षता के दौरान ‘भारत के राष्ट्रपति’ और ‘भारत के प्रधानमंत्री’ जैसे संबोधन राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बने थे।
कुछ अधिकारियों के अनुसार, मध्यप्रदेश और पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ के कई संस्थानों ने भी आधिकारिक पत्राचार में ‘भारत’ शब्द का उपयोग शुरू कर दिया है।
कुलपति ने बताया कि दीक्षांत समारोह में प्रदान किए जाने वाले कुल 66 स्वर्ण पदकों में से 20 पदक राष्ट्रपति मुर्मू स्वयं प्रदान करेंगी।
उन्होंने कहा कि समारोह में 156 विद्यार्थियों को पीएचडी, तीन को डॉक्टर ऑफ लिटरेचर (डी.लिट.), एक को डॉक्टर ऑफ साइंस (डी.एससी.) की उपाधि तथा एक व्यक्ति को मानद उपाधि भी प्रदान की जाएगी।
भाषा
सं, दिमो रवि कांत