Uma Bharti on Bhojshala: ‘सारे तथ्य पहले से सामने थे..’, हाई कोर्ट के फैसले पर पूर्व सीएम उमा भारती का बड़ा बयान, पढ़िए क्या कहा

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Uma Bharti on Bhoshala: ' इस फैसले से रोमांचित हूं,..’, भोजशाला मामले में फैसले पर उमा भारती का बड़ा बयान, कहा-पहले से...

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  • Publish Date - May 15, 2026 / 04:23 PM IST,
    Updated On - May 15, 2026 / 04:44 PM IST

uma bharti/ image source: ibc24

HIGHLIGHTS
  • हाई कोर्ट ने मंदिर माना
  • उमा भारती ने जताई खुशी
  • बीजेपी कार्यकर्ताओं में जश्न

Uma Bharti on Bhojshala: मध्य प्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला मामले में शुक्रवार को हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए भोजशाला परिसर को मंदिर माना है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि भोजशाला माँ सरस्वती यानी वाग्देवी का मंदिर है और हिंदू पक्ष को यहां पूजा-अर्चना करने की अनुमति दी जाती है। कोर्ट के इस फैसले के बाद प्रदेशभर में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। बीजेपी विधायक Rameshwar Sharma ने फैसले का स्वागत करते हुए इसे सनातन आस्था की जीत बताया है।

Uma Bharti on Bhoshala: उमा भारती ने क्या कहा ?

पूर्व मुख्यमंत्री Uma Bharti ने भी सोशल मीडिया के जरिए हाई कोर्ट के फैसले पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि माननीय हाई कोर्ट ने धार भोजशाला को वाग्देवी मंदिर माना है और यह फैसला ऐतिहासिक है। उमा भारती ने लिखा कि भोजशाला के मंदिर होने के सारे तथ्य पहले से सामने थे और इस निर्णय से वह रोमांचित हैं। उन्होंने फैसले का स्वागत करते हुए अदालत का अभिनंदन भी किया।

Bhoshala News: बीजेपी कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल

हाई कोर्ट के फैसले के बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल देखने को मिला। बीजेपी विधायक Bhagwan Das Sabnani ने अपने निवास पर समर्थकों और कार्यकर्ताओं के साथ मिठाइयां बांटकर खुशी मनाई। इधर, अदालत ने अपने फैसले में ASI सर्वे रिपोर्ट का भी जिक्र किया, जिसमें दीवारों पर देवी-देवताओं की आकृतियां, राजा भोज काल की नक्काशी वाले खंभे, हवन कुंड और कई खंडित मूर्तियां मिलने की बात सामने आई थी। कोर्ट ने केंद्र सरकार से लंदन म्यूजियम में रखी माँ वाग्देवी की प्रतिमा को भारत वापस लाने पर विचार करने की भी बात कही है।

भोजशाला सुनवाई के प्रमुख बिंदु

  • 12 मई 2026, मंगलवार को इंदौर में भोजशाला प्रकरण की सुनवाई उच्च न्यायालय में पूरी हुई।
  • वर्ष 2022 में हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस द्वारा उच्च न्यायालय इंदौर में भोजशाला का धार्मिक स्वरूप तय कर हिंदू समाज के पूर्ण आधिपत्य के लिए याचिका क्रमांक 10497/ 2022 लगाई गई थी
  • इसी प्रकरण में आगे चलकर वर्ष 2024 में भोजशाला में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग द्वारा 98 दिन तक वैज्ञानिक सर्वेक्षण किया गया
  • वर्ष 2026 में 23 जनवरी,शुक्रवार वसंत पंचमी के अवसर पर दिनभर अबाधित पूजा अर्चना हेतु सर्वोच्च न्यायालय द्वारा आदेश इसी प्रकरण में दिया गया था
  • भोजशाला प्रकरण की सुनवाई 6 अप्रैल 2026 से हाईकोर्ट में निरंतर जारी थी
  • अप्रैल 2026 से 9 अप्रैल 2026 तक हिंदू पक्ष की ओर से तर्क रखे गए
  • इसके पश्चात मुस्लिम पक्ष एवं अन्य पक्षों द्वारा तर्क रखे गए
  • इस मुख्य याचिका के साथ ही चार अन्य याचिका और एक अपील भी क्लब थी जिनकी भी सुनवाई पूरी हो गई हैं

हिंदूओं की याचिका की प्रमुख मांगे

  • हिंदू समाज को भोजशाला में अनुच्छेद 25 के अनुसार पूजा का अधिकार मिले तथा मुस्लिम समाज को भोजशाला परिसर में किसी भी धार्मिक गतिविधि की अनुमति नहीं दी जावे।
  • केंद्र सरकार को आदेशित किया जावे कि भोजशाला हेतु एक ट्रस्ट बनाया जावे जिससे कि भोजशाला का संचालन एवं प्रबंध किया जा सके।
  • इसी ट्रस्ट को यह आदेशित किया जावे कि माँ सरस्वती की प्रतिमा की पूजा एवं अर्चना निर्बाध रूप से कराई जावे।
  • भोजशाला परिसर में मुस्लिम समाज द्वारा की जा रही नमाज बंद हो।
  • भारतीय पुरातत्व संरक्षण विभाग के 7 अप्रैल 2003 के आदेश को निरस्त किया जावे एवं हिंदू समाज को नियमित प्रतिदिन पूजा करने का अधिकार मिले।
  • ब्रिटिश म्यूजियम में रखी माँ वाग्देवी की प्रतिमा को पुनः वापस लाया जावे एवं भोजशाला धार में स्थापित किया जावे।

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भोजशाला पर कोर्ट ने क्या फैसला दिया?

हाई कोर्ट ने मंदिर माना

उमा भारती ने क्या कहा?

उमा भारती ने जताई खुशी

ASI सर्वे में क्या मिला?

बीजेपी कार्यकर्ताओं में जश्न