शह मात The Big Debate: ऐसी मौतें मंजूर नहीं! क्या प्रशासन की लापरवाही ने इतने लोगों की जान ले ली? देखें पूरी रिपोर्ट
Indore Water News: ऐसी मौतें मंजूर नहीं! क्या प्रशासन की लापरवाही ने इतने लोगों की जान ले ली? देखें पूरी रिपोर्ट
Indore Water News | Photo Credit: IBC24 Custmize
- सीएम मोहन यादव ने निगम आयुक्त और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की
- कांग्रेस ने भोपाल और इंदौर में प्रदर्शन कर इस्तीफे की मांग की
- हाईकोर्ट ने इंदौर कलेक्टर और निगम आयुक्त को नोटिस जारी किया
भोपाल: Indore Water News इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी की सप्लाई के चलते हुई मौतों के बाद मोहन सरकार प्रो एक्टिव मोड में आई। खुद सीएम मोहन ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा की। ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया को हटा दिया। वहीं निगम आयुक्त और एक अपर आयुक्त को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही सीएम मोहन ने 16 नगर निगमों के सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक भी की।
Indore Water News सरकार जहां एक्शन मोड में है तो कांग्रेस ने इंदौर से लेकर भोपाल तक प्रदर्शन किया। इंदौर की है, जहां नगर निगम की अनदेखी के खिलाफ कांग्रेस नेताओं ने आंखों पर पट्टी बांध कर विरोध जताया, तो वहीं भोपाल में युवक कांग्रेस ने दूषित पानी की बोतल और घंटी लेकर कैलाश विजयवर्गीय के बंगले के बाहर प्रदर्शन किया। इस्तीफे की मांग की..इस मामले में लोकसभा में नेताप्रतिपक्ष राहुल गांधी भी कूद पड़े। उन्होंने एक्स पोस्ट कर आरोप लगाया कि -इंदौर में पानी नहीं, जहर बंटा, मध्यप्रदेश अब कुप्रशासन का एपिसेंटर बन चुका है, तो वहीं कांग्रेस नेता भी सरकार पर हमलावर हैं।
कांग्रेस इंदौर के दूषित पानी कांड के चलते हो रही मौतों को लेकर सरकार की घेराबंदी कर रही है, तो बीजेपी दावा कर रही है कि- मामले के कोई भी दोषी बख्शे नहीं जाएंगे। सियासी वार-पलटवार के इतर भागीरथपुरा में दूषित पानी के चलते अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि प्रशासन ने केवल 8 मौतों की पुष्टि की है, तो वहीं ये मामला हाईकोर्ट भी जा पहुंचा। कोर्ट ने इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा और नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव को नोटिस जारी किया। याचिकाओं पर 6 और 19 जनवरी को सुनवाई होगी। इस बीच ग्वालियर के 29 प्वाइंट्स में गंदे पानी की तस्वीर सामने आई। भोपाल मेें भी टूटी हुई पाइपलाइन में नाले का पानी मिलता दिखाई दिया। ऐसे में सवाल है कि- इंदौर में जो लोग प्रशासन की लापरवाही के चलते काल के गाल में समा गए? क्या उन्हें न्याय मिल पाएगा? क्या जिम्मेदारों के खिलाफ कोई सख्त एक्शन होगा?

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