पहले हर साल गरबे के दौरान 4.5 लाख लड़कियां विधर्मियों के साथ भाग जाती थीं : भाजपा विधायक ऊषा ठाकुर
पहले हर साल गरबे के दौरान 4.5 लाख लड़कियां विधर्मियों के साथ भाग जाती थीं : भाजपा विधायक ऊषा ठाकुर
इंदौर, 23 सितंबर (भाषा) मध्यप्रदेश के इंदौर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की विधायक ऊषा ठाकुर ने यह दावा करके विवाद खड़ा कर दिया है कि पहले देश में हर साल नवरात्रि में हिंदुओं के गरबा समारोहों के दौरान 4.5 लाख लड़कियां विधर्मियों के साथ भाग जाती थीं जिससे जनसांख्यिकी बदल रही थी।
उन्होंने गरबा पंडालों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध के विचार की वकालत करते हुए यह बात कही।
प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने सत्तारूढ़ दल की विधायक के बयान को हिंदू महिलाओं की अस्मिता का अपमान करार देते हुए उनसे सार्वजनिक माफी की मांग की है।
ठाकुर ने मंगलवार को संवाददाताओं से कहा कि पहले गरबा समारोहों में गैर-हिंदुओं का प्रवेश देश के ‘जनसांख्यिकी परिवर्तन’ को प्रभावित कर रहा था क्योंकि हर वर्ष गरबे के दौरान 4.5 लाख लड़कियां विधर्मियों के साथ भाग जाती थीं।
अपने विवादित कथनों के लिए अक्सर चर्चा में रहने वाली ठाकुर, भाजपा की प्रदेश इकाई की प्रवक्ता भी हैं।
उन्होंने किसी भी वैज्ञानिक या तार्किक आधार का हवाला दिए बगैर दावा किया,‘‘ये वयस्क लड़कियां अगले वर्ष एक-एक बच्चे को जन्म देती थीं और नौ लाख बच्चे प्रति वर्ष की दर से जनसांख्यिकी परिवर्तन पर असर पड़ रहा था।’’
ठाकुर ने कहा कि इस कथित स्थिति के मद्देनजर हिंदू समुदाय के संगठनों ने प्रण किया कि किसी भी गरबा पंडाल में उन लोगों का प्रवेश रोका जाएगा जो मूर्ति पूजा नहीं करते।
इंदौर के महू क्षेत्र की विधायक ने कहा,‘‘ये लोग अपने कुत्सित षड्यंत्र के अंतर्गत कभी माथे पर तिलक लगाकर, तो कभी कलावा (हिंदुओं द्वारा कलाई पर बांधा जाने वाला पवित्र धार्मिक धागा जिसे रक्षा सूत्र भी कहा जाता है) बांधकर हमारे गरबों में शामिल होते हैं और लड़कियों को भ्रमित करके उनका जीवन नर्क बना देते हैं।’’
ठाकुर ने कहा कि इन कथित हथकंडों को कोई भी राष्ट्रभक्त नागरिक आगे नहीं बढ़ने दे सकता, इसलिए सभी गरबा पंडालों में विधर्मी लोग आजीवन प्रवेश नहीं कर पाएंगे।
उन्होंने ‘गरबा समारोहों का व्यवसायीकरण’ रोकने के लिए हिंदू समुदाय के संगठनों के प्रयासों की तारीफ भी की।
भाजपा विधायक ने कहा,‘‘मैं विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के अपने उन सब भाइयों का धन्यवाद करती हूं क्योंकि गरबे का जो व्यावसायिक स्वरूप सामने आ रहा है, उसमें (देवी की) साधना लगभग समाप्त नजर आती है।’’
उन्होंने जोर देकर कहा कि गरबा, शक्ति की साधना का पर्व है।
ठाकुर ने कहा,’….लेकिन व्यावसायिक गरबा समारोहों ने इसे बेहद विद्रूप कर दिया है जिससे अब यह त्योहार कपड़ों, गहनों और टैटू (गोदना) के प्रदर्शन का माध्यम बन गया है, जबकि हिंदुओं के आध्यात्मिक रीति-रिवाज इसकी अनुमति नहीं देते।’
कांग्रेस के मीडिया समन्वयक नीलाभ शुक्ला ने भाजपा विधायक के बयान की आलोचना करते हुए कहा,‘‘ठाकुर हिंदू महिलाओं की अस्मिता का अपमान कर रही हैं और उनके चरित्र पर बिना किसी प्रमाण के सवाल उठा रही हैं। उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।’’
इससे पहले, राज्य में भाजपा के एक अन्य विधायक रामेश्वर शर्मा ने भी गरबा उत्सवों में मुसलमानों के प्रवेश को लेकर टिप्पणी करके विवाद खड़ा कर दिया था।
भोपाल की हुजूर सीट से विधायक शर्मा ने सोमवार को एक कार्यक्रम में कहा था कि मुस्लिम युवक गरबा में अकेले क्यों आना चाहते हैं और उन्हें अपनी बहन-बेटियों को भी साथ लाना चाहिए।
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने शर्मा की इस टिप्पणी की आलोचना की है।
भाषा हर्ष
मनीषा
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