पारंपरिक खेती के अलावा फसल विविधीकरण और पशुपालन से जुड़ें किसान : मुख्यमंत्री यादव

पारंपरिक खेती के अलावा फसल विविधीकरण और पशुपालन से जुड़ें किसान : मुख्यमंत्री यादव

पारंपरिक खेती के अलावा फसल विविधीकरण और पशुपालन से जुड़ें किसान : मुख्यमंत्री यादव
Modified Date: August 20, 2026 / 08:07 pm IST
Published Date: August 20, 2026 8:07 pm IST

भोपाल, 20 अगस्त (भाषा) मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बृहस्पतिवार को राज्य के किसानों से पारंपरिक खेती के अलावा फसल विविधीकरण और पशुपालन से जुड़ने का आह्वान किया।

अशोक नगर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि फसल उत्पादन के साथ-साथ दुग्ध उत्पादन और मछली पालन को अपनाकर किसान अपनी आय को कई गुना बढ़ा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि किसानों के लिए आधुनिक तकनीक और नवाचार ने खेती में समृद्धि के रास्ते खोले हैं और आने वाले समय में कृषि उद्योग, ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार और समृद्धि के नए द्वार खोलेगा।

यादव ने कहा कि अशोक नगर के अन्नदाता अपनी मेहनत से प्रदेश भर के किसानों के लिए मिसाल बन रहे हैं और वहां की चंदेरी साड़ी ने मध्यप्रदेश को वैश्विक पहचान दिलाई है।

उन्होंने कहा, ‘‘अशोक नगर के शरबती गेहूं का स्वाद बेजोड़ है और देशभर में इसकी मांग है। प्रसन्नता का विषय है कि जिले के किसानों में धनिया और गुलाब जैसी उद्यानिकी फसलों के लिए रुचि बढ़ी है। कम बारिश की चुनौती के बीच डीआरएस तकनीक से धान की रोपाई का रकबा बढ़ाकर अशोक नगर के किसानों ने आपदा को अवसर में बदला है। फसल विविधीकरण से जिले में चना और मसूर का भी रकबा बढ़ा है।’’

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘सीमा पर जवान और खेत में किसान की भूमिका समान है, दोनों ही देश के लिए समर्पित हैं। राज्य सरकार पूर्ण संवेदनशीलता और सक्रियता से किसान हित में कार्य कर रही है। इसी के परिणाम स्वरुप पूरा साल किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है।’’

उन्होंने कहा कि खेती को लाभप्रद बनाने के लिए संपूर्ण प्रदेश में बिजली, पानी की व्यवस्था के साथ-साथ खेतों तक सड़क संपर्क उपलब्ध कराने का कार्य जारी है।

यादव ने कहा कि कुछ माह बाद किसानों को दिन में ही पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराई जाएगी।

भाषा सं ब्रजेन्द्र शफीक

शफीक


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