श्योपुर, 11 अप्रैल (भाषा) मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले में कूनो नेशनल पार्क (केएनपी) में शनिवार को भारतीय मूल की एक मादा चीता ने जंगल में चार शावकों को जन्म दिया। इसके साथ ही देश में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 57 हो गई है।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह कूनो के जंगल में दर्ज किसी चीते का पहला जन्म है। सितंबर 2022 में शुरू हुए अंतर-महाद्वीपीय चीता पुनर्वास कार्यक्रम के बाद यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर इस उपलब्धि को साझा करते हुए इसे भारत की चीता संरक्षण यात्रा का महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया।
उन्होंने कहा कि लगभग दो वर्षों से जंगल में रह रही 25 माह की मादा चीता द्वारा चार शावकों को जन्म देना प्राकृतिक परिस्थितियों में अनुकूलन और प्रजनन की दिशा में एक बड़ी सफलता है।
यादव ने वन विभाग के अधिकारियों, पशु चिकित्सकों और फील्ड स्टाफ के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह उपलब्धि भारतीय परिस्थितियों में चीतों के सफल अनुकूलन को दर्शाती है और पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है।
अधिकारियों ने बताया कि कूनो में मौजूद सभी सात वयस्क मादा चीतों ने अब तक शावकों को जन्म दिया है। चीता पुनर्वास परियोजना के तहत सितंबर 2022 में नामीबिया से आठ चीतों को भारत लाया गया था, इसके बाद फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 चीतों का दूसरा जत्था आया। हाल ही में 28 फरवरी को बोत्सवाना से नौ चीतों का तीसरा दल भी लाया गया है।
वन विभाग के अनुसार, तीन चीतों को गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में स्थानांतरित किया गया है, जबकि शेष कूनो में ही रखे गए हैं। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि बीमारी के जोखिम को कम करने के लिए लुप्तप्राय प्रजातियों को एक ही स्थान पर सीमित नहीं रखा जाता।
भाषा
सं, ब्रजेन्द्र रवि कांत