Ghooskhor Pandat Contoversy
भोपाल: Ghooskhor Pandat Contoversy आक्रोश, हाथों में तख्तियां और नारेबाजी की ये तस्वीरें एमपी की राजधानी भोपाल की हैं। जहां एक ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने वाली ‘घूसखोर पंडत’ फिल्म के खिलाफ ब्राह्मण समाज लामबंद हुआ। अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज मध्यप्रदेश ने- फिल्म के टाइटल और डायलॉग को लेकर आपत्ति जताते हुए विरोध प्रदर्शन किया। फिल्म के एक्टर, डायरेक्टर और ओटीटी की डायरेक्टर के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की। उनका आरोप है कि फिल्म का नाम जानबूझकर ब्राह्मणों को अपमानित करने वाला रखा गया है। ब्राह्मणों को खलनायक के तौर पर पेश करने की संगठित मुहिम बर्दाश्त से बाहर है, तो प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने इसे वोटबैंक की राजनीति बताया।
Ghooskhor Pandat Contoversy जहां ब्राह्मण समाज और कथावाचक इसे सामाजिक सद्भाव को तोड़ने वाला बता रहे हैं..तो राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी संज्ञान लिया, वैमन्यस्ता फैलाने वाला बताते हुए नोटिस जारी करने की बात कही और ‘घूसखोर पंडत’ को लेकर कांग्रेस-बीजेपी भी आमने-सामने हैं।
कुलमिलाकर ‘घूसघोर पंडत’ मूवी को लेकर हर ओर से आक्रोश की लहर देखने को मिल रही हैं, लेकिन ये पहली बार नहीं है जब बॉलीवुड की फिल्मों, वेबसीरीज में ब्राह्मणों को टारगेट करने वाली चीजें सामने आई हों। इससे पहले भी पंडितों, ब्राह्मणों को खलनायक के तौर पर दिखाया जाता रहा है। ऐसे में सवाल ये है कि- क्या ब्राह्मणों को विलेन बताने की कोई संगठित मुहिम चल रही है? सवाल ये भी कि- फिल्मों, JNU के नारों से लेकर नेताओं, सरकारी अफसरों के बयानों में ब्राह्मण ही सबसे बड़ा टारगेट क्यों? सबसे बड़ा सवाल ये कि-क्या समाज में विभाजन फैलाने वालों के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई होगी?