Guna Road Accident Insurance Claim: बीमा कंपनी ने इसलिए निरस्त किया था क्लेम, अब पीड़ित को 1 करोड़ 90 लाख रुपये देने का आदेश, जानें पूरा मामला

Guna Road Accident Insurance Claim: बीमा कंपनी ने इसलिए निरस्त किया था क्लेम, अब पीड़ित को 1 करोड़ 90 लाख रुपये देने का आदेश, जानें पूरा मामला

Guna Road Accident Insurance Claim: बीमा कंपनी ने इसलिए निरस्त किया था क्लेम, अब पीड़ित को 1 करोड़ 90 लाख रुपये देने का आदेश, जानें पूरा मामला

Guna Road Accident Insurance Claim: बीमा कंपनी ने इसलिए निरस्त किया था क्लेम, अब पीड़ित को 1 करोड़ 90 लाख रुपये देने का आदेश, जानें पूरा मामला /image: IBC24 file


Reported By: Neeraj Yogi,
Modified Date: September 8, 2026 / 11:13 pm IST
Published Date: September 8, 2026 11:12 pm IST
HIGHLIGHTS
  • बीमा कंपनी ने क्लेम खारिज किया था
  • आयोग ने पूरी रकम 7% ब्याज के साथ देने का आदेश दिया
  • ₹25 हजार हर्जाना और ₹10 हजार कानूनी खर्च भी देना होगा

गुनाGuna Road Accident Insurance Claim: बीमा दावों को खारिज करने के नाम पर मनमानी करने वाली कॉरपोरेट कंपनियों के खिलाफ जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग गुना ने एक कठोर लीगल एक्शन लिया है। बीमा कंपनी का सोचना था कि वह झूठे तकनीकी तर्कों और F.I.R. पर सवाल उठाकर 1 करोड़ 90 लाख रुपए की विशाल राशि हड़प जाएगी। लेकिन न्याय के मंदिर में आयोग के सख्त रुख ने कंपनी की हर चाल को नाकाम कर दिया। अदालत ने साफ कर दिया कि पुलिस F.I.R. और जांच एजेंसियों के निष्कर्षों को अपनी सुविधा के अनुसार नकारना बीमा कंपनी को भारी पड़ेगा।

 

बीमा कंपनी की दलील खारिज (Guna Insurance Claim Case)

Guna Road Accident Insurance Claim जिला उपभोक्ता फोरम के माननीय अध्यक्ष सुरेश कुमार चौबे और माननीय सदस्य कुमारी सबीना अली की पीठ ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए बीमा कंपनी (Road Accident Insurance Claim) की दलीलों को सिरे से खारिज कर दिया। आयोग ने माना कि क्लेम निरस्त करने का कंपनी का निर्णय पूरी तरह से अनुचित, गैर-कानूनी और उपभोक्ता सेवाओं में गंभीर कमी का प्रतीक था। परिवादी के अभिभाषक देवेन्द्र सिंह धाकड़ (देवेंद्र धवन) की दलीलों पर मुहर लगाते हुए अदालत ने बीमा कंपनी पर चौतरफा आर्थिक दंड लगाया है।

1 करोड़ 90 लाख देने का आदेश (₹1.90 Crore Insurance Claim)

Guna Road Accident Insurance Claim अदालत ने बीमा कंपनी (Insurance Company Compensation) को आदेश दिया है कि वह 1 करोड़ 90 लाख रुपए की पूरी बीमित राशि का अविलंब भुगतान करे। इतना ही नहीं, कंपनी द्वारा 24 फरवरी 2025 को निरस्त किए गए आवेदन की तिथि से लेकर भुगतान किए जाने के दिन तक 7 प्रतिशत प्रति (7 Percent Interest) वर्ष की दर से ब्याज जोड़ने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा पीड़ित परिजनों को मानसिक प्रताड़ना देने के जुर्म में 25 हजार रुपए का हर्जाना और 10 हजार रुपए कानूनी लड़ाई का खर्च भी कंपनी पर लादा गया है। यह फैसला जिले भर की बीमा कंपनियों के लिए एक कड़ी चेतावनी है।

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सवाल आपका है... 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.