Reported By: Nasir Gouri
,ग्वालियर: Gwalior Nagar Nigam News: मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में मानसून की आहट से पहले नगर निगम में घमासान शुरू हो गया है। शहर की बदहाल सीवर व्यवस्था को लेकर महापौर डॉ. शोभा सिकरवार ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। महापौर ने अधिकारियों को 15 दिन का अल्टीमेटम देते हुए सस्पेंशन की चेतावनी दी है तो वहीं बैठक में विधायक सतीश सिकरवार का गुस्सा भी सातवें आसमान पर नजर आया। खास बात ये भी महापौर की बैठक राजनीति की भेंट भी चढ़ गयी है, क्योंकि बीजेपी के पार्षदों ने इससे किनारा कर लिया।
Gwalior Nagar Nigam News: ग्वालियर की चार विधानसभाओं की इस बैठक में आज जमकर हंगामा हुआ। शहर में सीवर की बदहाली और अधिकारियों की सुस्ती देख महापौर डॉ. शोभा सिकरवार का पारा चढ़ गया। उन्होंने साफ लफ्जों में कह दिया कि अधिकारियों की कार्यशैली अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। महापौर ने 15 दिन की मोहलत देते हुए कहा कि अगर हालात नहीं सुधरे, तो वे सीधे निलंबन की कार्रवाई करेंगी। महापौर ने कहा कि निगम के अधिकारी और कर्मचारी पूरी तरह से नीरसता से काम कर रहे हैं। मैंने 15 दिन का समय दिया है, इसके बाद फिर बैठक लूंगी। अगर काम जमीन पर नहीं दिखा, तो मैं सस्पेंड करने से भी पीछे नहीं हटूंगी।
बैठक में मौजूद ग्वालियर पूर्व के विधायक सतीश सिकरवार भी अधिकारियों के जवाबों से संतुष्ट नजर नहीं आए। 4 साल में पहली बार बैठक में शामिल हुए विधायक ने आरोप लगाया कि सीवर का काम केवल कागजों पर हो रहा है, जबकि जमीन पर जनता त्रस्त है। मेरी विधानसभा में सीवर के हालात बेहद बुरे हैं। अधिकारी सिर्फ फाइलों में आंकड़ेबाजी कर रहे हैं। आज पहली बार बैठक में आना पड़ा क्योंकि जनता को जवाब देना मुश्किल हो रहा है। काम नहीं हुआ तो परिणाम भुगतने होंगे। वही निगम आयुक्त संघ प्रिय ने भी निचले आधिकारियों को अल्टीमेटम जारी कर दिया है। हैरानी की बात यह रही कि इस महत्वपूर्ण बैठक से बीजेपी पार्षदों ने किनारा कर लिया। हालांकि जो दो बीजेपी पार्षद पहुंचे उन्होंने अपनी ही सरकार के तंत्र पर गंभीर आरोप लगाए। पार्षदों ने कहा कि अधिकारियों ने नालों पर अतिक्रमण करवा दिया है, जिससे इस बार शहर में बाढ़ जैसे हालात बन सकते हैं। वहीं निगमायुक्त ने भी अब अधिकारियों को दफ्तर छोड़ फील्ड में उतरने का फरमान सुना दिया है।
ग्वालियर में सीवर और जलभराव को लेकर सियासत और प्रशासन के बीच आर-पार की जंग छिड़ गई है। महापौर डॉ. शोभा सिकरवार ने लापरवाह अफसरों को खुली चेतावनी दी है. या तो 15 दिन में काम सुधारो, वरना घर बैठो। वहीं विधायक सतीश सिकरवार ने कागजों पर काम दिखाने वाले अफसरों की जमकर क्लास ली। अब देखना यह होगा कि महापौर के 15 दिनों के इस अल्टीमेटम का अधिकारियों पर कितना असर होता है, या फिर इस बार भी ग्वालियर की जनता को बारिश में सीवर के गंदे पानी के बीच ही रहना होगा, क्योंकि पिछली बार ग्वालियर में बाढ़ जैसे हालत, शहरी क्षेत्र में बने थे।
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