Anil Mishra Case Gwalior: अंबेडकर की फोटो जलाने वाले एडवोकेट अनिल मिश्रा को बड़ा झटका, हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत, आरोपी अभी जेल में ही रहेंगे

Anil Mishra Case Gwalior: अंबेडकर की फोटो जलाने वाले एडवोकेट अनिल मिश्रा को बड़ा झटका, हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत, आरोपी अभी जेल में ही रहेंगे

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  • Publish Date - January 5, 2026 / 09:41 PM IST,
    Updated On - January 5, 2026 / 09:45 PM IST

Anil Mishra Case Gwalior/Image Source: IBC24

HIGHLIGHTS
  • अनिल मिश्रा को झटका
  • हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत
  • 7 घंटे चली सुनवाई

ग्वालियरः Anil Mishra Case Gwalior: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच से फिलहाल हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अनिल मिश्रा को राहत नही मिल सकी है। अनिल मिश्रा पर आरोप है कि उन्होनें अपने साथियों के साथ डॉक्टर भीमराव अंबेडकर चित्र जलाया। साथ ही अपत्तिजनक नारे लगाएं है। जिसके बाद ग्वालियर की क्राइम ब्रांच पुलिस ने अनिल मिश्रा समेत सात लोगों के खिलाफ एससीएसटी एक्ट में मामला दर्ज किया था। आनन-फानन पुलिस ने अनिल मिश्रा के साथ चार लोगों को गिरफ्तार किया। JMFC कोर्ट ने उन्हें 14 जनवरी तक जेल भेज दिया।

अनिल मिश्रा को बड़ा झटका (Gwalior Ambedkar Poster Burning Case)

Anil Mishra Case Gwalior: वहीं पुलिस की इस कार्रवाई को अनिल मिश्रा के वकीलों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। जिसमें उनकी तरफ से कहा गया था कि “पुलिस ने इस केस में अनिल मिश्रा और अन्य लोगों को मनमाने तरीके से गिरफ्तार किया है, उन्हें 7 बजे गिरफ्तार किया गया और उसके बाद FIR लिखी गई है। ऐसे में प्रथम दृष्टया ये प्रमाणित होता है कि इन लोगों को अवैध तरीके से डिटेन किया गया। पूरी कार्रवाई दबाव में की गई है। इस दौरान, शनिवार ओर रविवार को हाईकोर्ट की स्पेशल बेंच में सुनवाई। आज फिर सोमवार को हाईकोर्ट ग्वालियर की डबल बेंच में 7 घंटे सुनवाई चली। जहां, से फिलहाल अनिल मिश्रा को राहत नहीं मिली है। हाईकोर्ट ने अपने फैसले को सुरक्षित रख लिया है।

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"अनिल मिश्रा हाईकोर्ट मामला" क्या है?

यह मामला ग्वालियर का है, जिसमें हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अनिल मिश्रा पर डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र को जलाने और आपत्तिजनक नारे लगाने का आरोप है।

"अनिल मिश्रा हाईकोर्ट मामला" में गिरफ्तारी क्यों हुई?

ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने अनिल मिश्रा समेत सात लोगों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर JMFC कोर्ट द्वारा 14 जनवरी तक जेल भेज दिया गया।

"अनिल मिश्रा हाईकोर्ट मामला" में हाईकोर्ट का रुख क्या रहा?

ग्वालियर हाईकोर्ट की डबल बेंच ने लंबी सुनवाई के बाद फिलहाल अनिल मिश्रा को कोई राहत नहीं दी और मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।