लखनऊ, 12 मई (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी भर्ती परीक्षा-2023 में आरक्षण विवाद से जुड़े मामले को गुण-दोष के आधार पर सुनवाई के लिए एकल पीठ को मंगलवार को वापस भेज दिया और इन पदों पर नयी नियुक्तियों पर लगी अंतरिम रोक भी जारी रखने का निर्देश दिया।
न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने विवेक यादव और अन्य की ओर से दायर विशेष अपील का निस्तारण करते हुए यह आदेश पारित किया।
यह अपील एकल पीठ के एक फरवरी, 2026 के उस आदेश के खिलाफ दायर की गई थी, जिसमें अपीलकर्ताओं की याचिका पर अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया गया था।
अपीलकर्ताओं की ओर से दलील दी गई कि वे अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित हैं और प्रारंभिक परीक्षा में उन्होंने सामान्य वर्ग के तहत मुख्य परीक्षा के लिए चयनित कम से कम 25 अभ्यर्थियों से अधिक अंक प्राप्त किए थे। इसके बावजूद उन्हें प्रारंभिक परीक्षा में असफल घोषित कर दिया गया।
वहीं, राज्य सरकार और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने अदालत को बताया कि भर्ती प्रक्रिया के तहत चयनित अधिकांश अभ्यर्थियों को पहले ही नियुक्ति दी जा चुकी है।
खंडपीठ ने कहा कि चूंकि मूल याचिका पहले से एकल पीठ के समक्ष लंबित है, इसलिए मामले का गुण-दोष के आधार पर फैसला भी उसी पीठ द्वारा किया जाना उचित होगा।
भाषा सं आनन्द
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