Reported By: Dharam Goutam
,Harsha Richhariya Video/Image Credit: Harsha Richhariya Instagram
Harsha Richhariya Video: जबलपुर: प्रयागराज महाकुंभ 2025 से चर्चाओं में आई हर्षा रिछारिया (Harsha Richhariya) एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार हर्षा रिछारिया धर्म प्रचार के लिए नहीं बल्कि धर्म प्रचार की राह छोड़कर अपने पुराने प्रोफेशन में वापस लौटने को लेकर चर्चाओं में हैं..हर्षा रिछारिया ने हाल ही में एक वीडियो अपने सोशल मीडिया में शेयर (Harsha Richhariya Video) करते हुए यह जानकारी साझा की कि उनके द्वारा धर्म का प्रचार करना कुछ धर्मगुरुओं को पसंद नहीं आ रहा था इसलिए अब वो इस रहा को छोड़ रही हैं। जबलपुर में मकर संक्रांति पर नर्मदा स्नान करने पहुंची हर्षा रिछारिया से IBC24 के संवाददाता धरम गौतम ने एक्सक्लूसिव बातचीत की।
Harsha Richhariya Video: इस दौरान हर्षा रिछारिया से बातचीत में कहा कि, मैं धर्म नहीं धर्म का प्रचार छोड़ रही, मेरा धर्म का प्रचार करना कुछ धर्म गुरुओं, संतों और कुछ लोगों को पसंद नहीं आ रहा (Harsha Richhariya Latest News)। इन सब बातों को लेकर मेरे जीवन में व्यवधान उत्पन्न हो रहा था। धर्म का प्रचार करने के दौरान समझ नहीं आता कि लड़ें किससे, अपने धर्म के लोगों से या दूसरों से, अपने ही धर्म से लड़ना पड़े तो वो रास्ता छोड़ना ठीक है। मैने कभी मॉडलिंग नहीं की या भ्रम फैलाया गया..। मेरा धर्म से जुड़ने का प्रचार करने की वजह थी युवाओं को धर्म से जोड़ना और लड़कियों को धर्म से जोड़ना, धर्म को आगे बढ़ाना।
Harsha Richhariya Video: हर्षा ने आगे कहा कि, धर्म प्रचार करने से मेरी मानसिक शांति खत्म होने लगी। पहले मैं जो एंकरिंग और एक्टिंग करती थी, तो वहां कोई विरोध नहीं था।.मैं किसी का नाम लूंगी तो मेरे साथ कुछ भी हो सकता है। पिछले एक साल में जितने लोग साथ आए वो वाकई साथ नहीं हैं। धर्म के रास्ते में आगे बढ़ने वाले धर्म के प्रचार में बिल्कुल ना पड़ें क्योंकि, (Harsha Richhariya latest Video) जब तक किसी धर्मगुरुओं का चरण वंदन करेंगे तभी तक उनका स्वागत होगा। यदि कोई युवा उनकी बराबरी में पहुंचा तो जो मेरे साथ हुआ वो मुश्किलें उनके साथ भी हों सकती हैं। प्रयागराज में मौनी अमावस्या को स्नान करने के बाद अपने धर्म प्रचार के संकल्प को विराम देकर अपने पुराने काम में वापस लौटूंगी। कुछ लोगों की वजह से भगवान में आस्था नहीं डगमगाई है। भगवान के प्रति आस्था उतनी ही रहेगी लेकिन वो मेरे मन और दिल में रहेगी समाज में सामने खुलकर नहीं आएगी।
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