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MPPSC Khanij Nirikshak Bharti 2025: इंदौर: मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग ने उन अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खुशखबरी लाई है जो लंबे समय से खनिज निरीक्षक भर्ती में पदों की संख्या की बढ़ौतरी की उम्मीद में थे। जी हां, विभाग ने खनिज निरीक्षक के पदों की संख्या में बड़ा बदलाव किया है। पहले इस पद के लिए केवल 13 पद थे, लेकिन अब इसमें 72 पदों की वृद्धि की गई है। इस बढ़ोतरी के बाद खनिज निरीक्षक के कुल पद 85 हो गए हैं। चलिए विस्तार से चर्चा करते हैं कि, छात्रों के लिए ये खबर इतनी बड़ी क्यों मानी जा रही है।
मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) ने खनिज निरीक्षक के पदों की संख्या में बड़ा बदलाव किया है। पहले इस पद के लिए केवल 13 पद थे, लेकिन हाल ही में इसमें 72 नए पद जोड़ दिए गए हैं। इस वृद्धि के बाद खनिज निरीक्षक के कुल पद अब 85 हो गए हैं। पिछले कुछ वर्षों में एमपीपीएससी की परीक्षाओं में पदों की संख्या लगातार घट रही थी, जिससे अभ्यर्थियों में चिंता बढ़ गई थी। उदाहरण के लिए, हाल ही में राज्य सेवा परीक्षा 2025 के लिए केवल 155 पदों की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया था, जबकि साल 2024 में कुल 110 और साल 2025 में 158 पदों की भर्ती हुई थी। पदों की संख्या में यह बढ़ोतरी अभ्यर्थियों के लिए नए अवसर खोलने वाली है और आयोग की भर्ती प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाएगी।
एमपीपीएससी ने पदों के आवंटन में विभिन्न वर्गों का ध्यान भी रखा है। नए पदों में जनरल कैटेगरी के लिए 22, एससी के लिए 14, एसटी के लिए 17, ओबीसी के लिए 23 और ईडब्ल्यूएस के लिए 9 पद शामिल किए गए हैं। इससे सभी वर्गों के योग्य अभ्यर्थियों को मौका मिलेगा और भर्ती प्रक्रिया में समानता बनी रहेगी। आयोग ने यह भी संकेत दिया है कि अप्रैल में होने वाली प्रारंभिक परीक्षा के रिजल्ट से पहले संशोधित विज्ञापन जारी किया जा सकता है। इससे अभ्यर्थियों को पहले ही नई नियुक्तियों की जानकारी मिल जाएगी और वे तैयारी के अनुसार अपनी रणनीति बदल सकेंगे।
इसके अलावा, वन सेवा परीक्षा के लिए हाल ही में जारी विज्ञापन में केवल 30 पदों की भर्ती की घोषणा की गई थी, जिसमें सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए कोई आरक्षण नहीं था। अब यह संभावना जताई जा रही है कि अप्रैल में प्रारंभिक परीक्षा के परिणामों से पहले ही 20 से 25 नए पदों को शामिल किया जा सकता है। इससे न केवल खनिज निरीक्षक पदों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि अभ्यर्थियों के लिए रोजगार के अवसर भी और व्यापक होंगे। एमपीपीएससी के इस फैसले से आगामी परीक्षाओं में प्रतिस्पर्धा और अवसर दोनों बढ़ने की उम्मीद है, और युवा उम्मीदवारों के लिए यह एक बड़ी राहत साबित होगी।