HC On Bargi Dam Accident: बरगी डेम हादसे पर पहली बार खुलकर बोली सरकार, जानिए 13 लोगों की मौत को लेकर हाईकोर्ट में क्या जवाब दिया

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बरगी डेम हादसे पर पहली बार खुलकर बोली सरकार, जानिए 13 लोगों की मौत को लेकर हाईकोर्ट में क्या जवाब दिया, High Court on Bargi Dam accident

  • Reported By: Vijendra Pandey

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  • Publish Date - May 12, 2026 / 04:01 PM IST,
    Updated On - May 12, 2026 / 04:01 PM IST

जबलपुर। HC On Bargi Dam Accident: मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले में स्थित बरगी डेम हादसे को लेकर दायर याचिकाओं पर मंगलवार को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अपना जवाब पेश किया। राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि हादसे की जांच के लिए रिटायर्ड जस्टिस संजय द्विवेदी की अध्यक्षता में जांच आयोग गठित कर दिया गया है। साथ ही पूरे प्रदेश में क्रूज़ और बोट क्लब संचालन पर रोक लगा दी गई है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के जवाब के बाद मामले से जुड़ी तीनों याचिकाओं का निराकरण कर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अब जस्टिस संजय द्विवेदी कमेटी ही बरगी क्रूज़ हादसे की विस्तृत जांच करेगी। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने हादसे पर दुख भी व्यक्त किया। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता जांच आयोग के समक्ष अपने तथ्य और पक्ष रख सकते हैं।

गौरतलब है कि बीतें दिनों बरगी बांध में क्रूज तेज आंधी और ऊंची लहरों के बीच पलट गया, जिससे 13 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हुए। हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था और संचालन नियमों को लेकर कई सवाल खड़े हुए थे। हादसे के बाद प्रशासन और सरकार की कार्यप्रणाली को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में अलग-अलग याचिकाएं दायर की गई थीं। अब जांच आयोग के गठन के बाद हादसे के कारणों और जिम्मेदारों की पड़ताल की जाएगी।

हादसे की वजह से लेकर बचाव व्यवस्था तक सबकी होगी जांच

HC On Bargi Dam Accident: बता दें कि जांच आयोग को कई अहम जिम्मेदारियां दी गई हैं। सबसे पहले यह देखा जाएगा कि हादसा आखिर किन कारणों से हुआ और इसमें किसकी क्या जिम्मेदारी थी। इसके साथ ही हादसे के दौरान और उसके बाद जो बचाव और राहत कार्य किए गए, उनकी भी पूरी समीक्षा की जाएगी। सरकार ने यह भी तय किया है कि राज्य में चल रही सभी नावों, क्रूज और जल क्रीड़ा गतिविधियों का ऑडिट किया जाएगा। इसके अलावा इनलैंड वेसल्स एक्ट, 2021 और NDMA बोट सेफ्टी गाइडलाइंस 2017 के तहत सभी जलयानों की जांच और प्रमाणीकरण व्यवस्था को भी देखा जाएगा।