अशोकनगर जिले के चंदेरी तहसील में संचालित शासकीय मॉडल स्कूल। यहीं से पढ़कर निकली है मध्यप्रदेश की स्टेट टॉपर आर्या जैन। आर्या के अलावा यहां पढ़ने वाली तीन अन्य लड़कियां भी इस साल 12वीं बोर्ड की परीक्षा में मेरिट लिस्ट में अपनी जगह बनाई हैं। एक तरफ जहां प्राइवेट स्कूल लाखों की फीस लेकर भी बेहतर नतीजा नहीं दे पाते, वहीं दूसरी तरफ अशोकनगर जिले के इस स्कूल ने साबित किया है कि अगर बच्चों को पढ़ाई का बेहतर माहौल और फैकल्टी मिले तो बिना कोचिंग भी बेहतर नतीजा मिल सकता है।
शासकीय मॉडल स्कूल चंदेरी में शुरुआत से ही छात्राओं के मन में संकल्प का बीज बोया जाता है । इस स्कूल ने आर्या जैन जैसी न जाने कितनी प्रतिभाओं को तराशा है। यहां पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों के सर्वांगीण विकास पर भी फोकस किया जाता है। बच्चों के लिए 12 महीने क्लास लगते हैं यहां तक कि छुट्टियों में भी बच्चे पढ़ने स्कूल पहुंचते हैं। स्कूल की प्रिंसिपल सुरभि सराफ ने IBC24 द्वारा दी जा रही स्कॉलरशिप को एक अच्छी पहल बताया और प्रतिभावान बेटियों का सम्मान करने के लिए चैनल को धन्यवाद भी दिया। आर्या जैन का नाम मध्यप्रदेश में प्रथम स्थान पर आने से स्कूल का सभी स्टाफ खुश है और आर्या सहित सभी बच्चों के उज्जवल भविष्य की कामना की।
संघर्ष करते हुए आगे बढ़ने की उम्मीद खुद हौसला देती है। आर्या को इसी हौसले और मेहनत ने मंजिल तक पहुंचने में एक सीढ़ी और ऊपर पहुंचा दिया। बिना किसी अतिरिक्त कोचिंग के जिले में टॉप करने वाली आर्या ने अपनी मेहनत के दम पर यह मुकाम हासिल किया है।
अशोकनगर जिले की चंदेरी तहसील में रहने वाली मध्यम वर्गीय परिवार की आर्या जैन ने कक्षा 12वीं में मध्यप्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त कर यह बता दिया है कि मेहनत और लगन हो तो बिना कोचिंग लिए भी टॉप किया जा सकता है। मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मी आर्या जैन ने शुरुआती शिक्षा एक निजी स्कूल में की लेकिन बाद में शासकीय मॉडल स्कूल चंदेरी से अपनी पढ़ाई की। कक्षा 12वीं में पूरे प्रदेश मे अव्वल आकर अपने माता-पिता और स्कूल का नाम रोशन किया। आर्या बताती है कि परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी न होने के कारण पढ़ाई में काफी परेशानियों का भी सामना करना पड़ा। लेकिन पूरी मेहनत और लगन के साथ पढ़ाई करती रही, जिसका नतीजा ऐसा आया। पिता कूरियर सर्विस का काम करते हंै। घर में एक छोटी बहन और एक भाई भी हैं जो पढ़ाई कर रहे हैं। आर्या का कहना है कि अगर स्कूल में पढ़ाई गई किताबों को हम अच्छे से घर पर पढ़ें तो कोचिंग की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। आर्या बताती है कि स्कूल के शिक्षकों ने भी उनका पूरा सहयोग किया। अपनी इस सफलता का श्रेय वह अपने माता-पिता और स्कूल के अध्यापकों को देना चाहती है। आर्या आगे आईएएस की तैयारी कर कलेक्टर बनना चाहती है। आर्या का कहना है कि IBC24 से मिलने वाली स्कॉलरशिप से उन्हें आगे की पढ़ाई में काफी सहयोग मिलेगा, क्योंकि आईएएस की पढ़ाई के लिए चंदेरी से बाहर जाना पड़ेगा। वहीं शासकीय मॉडल स्कूल चंदेरी की प्रिंसिपल सुरभि सराफ का कहना है कि IBC24 द्वारा दी जा रही स्कॉलरशिप एक बहुत अच्छी पहल है। इस स्कॉलरशिप से बच्चों को आगे की पढ़ाई में काफी मदद मिलेगी। प्रिंसिपल का कहना है कि आर्या शुरू से ही पढ़ाई में होशियार रही हैं, पढ़ाई में काफी मेहनत करती हंै।