इंदौर नगर निगम के अधिकारी ने कांग्रेस विधायक पर लगाया बदसलूकी का आरोप

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इंदौर नगर निगम के अधिकारी ने कांग्रेस विधायक पर लगाया बदसलूकी का आरोप

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  • Publish Date - September 15, 2021 / 10:34 PM IST,
    Updated On - September 15, 2021 / 10:34 PM IST

इंदौर (मप्र),15 सितंबर (भाषा) इंदौर नगर निगम के एक अधिकारी ने बुधवार को आरोप लगाया कि स्थानीय कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी ने डेंगू के खिलाफ जारी अभियान के दौरान उनसे और उनके दल के कर्मचारियों से सार्वजनिक स्थान पर गाली-गलौज और बदसलूकी की।

विवाद के तूल पकड़ने पर यह अधिकारी पुलिस थाने भी पहुंचा लेकिन कांग्रेस विधायक पर प्राथमिकी दर्ज कराने से ऐन मौके पर पीछे हट गया, जिसके बाद सत्तारूढ़ भाजपा के एक नेता ने अधिकारी के खिलाफ नाराजगी जताई।

नगर निगम अधिकारी और स्थानीय चिड़ियाघर के प्रभारी उत्तम यादव ने संवाददाताओं से कहा, ”डेंगू उन्मूलन के लिए काम कर रहे मेरे दल, खासकर मुझसे विधायक पटवारी ने बुरी तरह बदसलूकी की और गालियां दीं। किसी भी जन प्रतिनिधि को सरकारी कर्मचारियों के साथ ऐसे बर्ताव का कोई अधिकार नहीं है।”

उधर, पटवारी ने नगर निगम अधिकारी के इस आरोप पर कोई सीधी टिप्पणी नहीं की। हालांकि, नाराजगी जताते हुए कहा कि निगम का डेंगू उन्मूलन दल मच्छरों और उनके लार्वा के खिलाफ दवाओं के छिड़काव के अभियान के ‘उद्घाटन’ के लिए भाजपा नेताओं का इंतजार कर रहा था।

शहर पुलिस अधीक्षक बी पी एस परिहार ने बताया, ”नगर निगम अधिकारी यादव ने राजेंद्र नगर पुलिस थाना पहुंचकर लिखित आवेदन दिया है कि वह संबंधित विवाद को लेकर पटवारी के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं चाहते।”

राजेंद्र नगर थाने में संवाददाताओं ने जब यादव से उनके इस आवेदन का सबब पूछा तो उन्होंने ज्यादा बातचीत से बचते हुए कहा, ”सारा मसला निपट गया है। अब इस बारे में नगर निगम आयुक्त प्रतिभा पाल ही जानकारी दे सकेंगी।”

यादव, पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अरुण यादव के रिश्तेदार हैं।

इस बीच, प्रदेश भाजपा प्रवक्ता उमेश शर्मा ने आरोप लगाया कि अरुण यादव के इशारे पर ही नगर निगम के इस अधिकारी ने कांग्रेस विधायक पटवारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने से कदम पीछे खींच लिए। शर्मा ने कहा, ”पुलिस थाने जाकर उत्तम यादव के पीछे हटने से नगर निगम कर्मचारियों का मनोबल गिरा है। नगर निगम में प्रतिनियुक्ति पर बरसों से काम कर रहे इस अधिकारी को पद से हटाया जाना चाहिए।”

भाषा हर्ष शफीक