Khajrana Ganesh Temple Indore : अगर आप जा रहे हैं खजराना गणेश तो ध्यान दें! अब बप्पा को लगेगा ये खास भोग, इस वजह से बदला गया भोग का मेनू

इंदौर में भीषण गर्मी के चलते खजराना गणेश मंदिर में भगवान के भोग में बदलाव किया गया है, जहां अब बप्पा को ठंडक देने के लिए खास प्रसाद चढ़ाया जा रहा है।

Khajrana Ganesh Temple Indore : अगर आप जा रहे हैं खजराना गणेश तो ध्यान दें! अब बप्पा को लगेगा ये खास भोग, इस वजह से बदला गया भोग का मेनू

Khajrana Ganesh Temple Indore / Image Source : X

Modified Date: April 28, 2026 / 08:38 am IST
Published Date: April 28, 2026 8:38 am IST
HIGHLIGHTS
  • इंदौर में 42°C पार तापमान का असर मंदिर तक पहुंचा
  • खजराना गणेश मंदिर में बप्पा के भोग में बदलाव
  • अब लस्सी, गन्ने का रस और मौसमी फल चढ़ाए जा रहे

इंदौर : Khajrana Ganesh Temple Indore  मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में बढ़ते पारे और भीषण गर्मी का असर अब मंदिरों में भी देखने को मिल रहा है। शहर के प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर में भगवान को गर्मी से राहत दिलाने के लिए मंदिर प्रबंधन ने एक अनोखी पहल की है। मंदिर प्रबंधन ने भगवान के भोग में बड़ा बदलाव किया है।

मौसमी फलों, दही की लस्सी, गन्ने का रस और रसगुल्लों का लगाया जा रहा भोग

इंदौर में तापमान 42 डिग्री के पार पहुँचने के कारण मंदिर प्रबंधन ने बप्पा के भोग में बदलाव कर दिया है। ( Khajrana Ganesh Prasad Change, )अब भगवान गणेश को मौसमी फलों, ठंडी दही की लस्सी, गन्ने का रस और रसगुल्लों का भोग लगाया जा रहा है। इसका कारण भीषण गर्मी के दौरान भगवान को शीतलता प्रदान करना है।

शीतलता प्रदान करने के लिए उठाया कदम

इसके साथ ही, मंदिर में शीतल जल की व्यवस्था के लिए मिट्टी की मटकी का उपयोग किया जा रहा है, ताकि भक्तों और भगवान दोनों के लिए जल प्राकृतिक रूप से ठंडा रहे। खजराना गणेश मंदिर में यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है कि मौसम के अनुसार भगवान की सेवा और भोग में बदलाव किया जाता है।

Khajrana Ganesh Ulta Swastik Ritual उल्टा स्वास्तिक बनाने से मनोकामना होती है पूरी

आपकों बता दें की खजराना गणेश मंदिर का निर्माण 1735 में होलकर वंश की महारानी अहिल्याबाई ने करवाया था। ऐसी मान्यता है कि यहाँ श्रद्धापूर्वक तीन परिक्रमा करने, मंदिर की दीवार पर धागा बांधने और भगवान की प्रतिमा की पीठ पर उल्टा स्वास्तिक बनाने से हर मनोकामना पूरी होती है, वहीं मन्नत पूरी होने पर भक्त सीधा स्वास्तिक बनाकर आभार प्रकट करते हैं। सिंदूर से स्थापित गणपति की इस अद्भुत प्रतिमा को मोदक का विशेष भोग लगाया जाता है, जो अपनी ऐतिहासिकता और चमत्कारी मान्यताओं के लिए देशभर में मशहूर है।

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लेखक के बारे में

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