इंदौर में चुनाव प्रचार में नहीं उतरे थे ओवैसी, एआईएमआईएम के चारों उम्मीदवारों की जमानत जब्त

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इंदौर में चुनाव प्रचार में नहीं उतरे थे ओवैसी, एआईएमआईएम के चारों उम्मीदवारों की जमानत जब्त

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  • Publish Date - July 18, 2022 / 07:14 PM IST,
    Updated On - July 18, 2022 / 07:14 PM IST

इंदौर (मध्यप्रदेश), 18 जुलाई (भाषा) भाजपा का मजबूत गढ़ माने जाने वाले इंदौर के नगर निगम चुनावों में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद उल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) खाता खोलने में नाकाम रही और पार्टी द्वारा पार्षद पद के लिए उतारे गए चारों उम्मीदवारों की जमानत राशि जब्त हो गई है। निर्वाचन कार्य से जुड़े अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

मतगणना के रविवार रात घोषित परिणामों के मुताबिक एआईएमआईएम के उम्मीदवारों को शहर के वार्ड क्रमांक दो में 186 वोट, वार्ड क्रमांक 53 में 556 वोट, वार्ड क्रमांक 60 में 184 वोट और वार्ड क्रमांक 68 में 771 वोट मिले जो इन निर्वाचन क्षेत्रों में डाले गए कुल वैध मतों के छठवें हिस्से से कम हैं।

अधिकारियों के मुताबिक पार्षद पद के चारों एआईएमआईएम उम्मीदवारों की जमानत राशि जब्त कर ली गई है।

अधिकारियों ने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के प्रावधानों के हवाले से बताया कि यदि किसी उम्मीदवार को उसके निर्वाचन क्षेत्र में डाले गए कुल वैध मतों के 1/6 से कम वोट मिलते हैं, तो उसकी जमानत राशि जब्त कर ली जाती है।

गौरतलब है कि उदयपुर में दर्जी कन्हैयालाल की नृशंस हत्या के घटनाक्रम के बाद इंदौर के पंढरीनाथ थाना क्षेत्र में ओवैसी की प्रस्तावित सभा तीन दिन के भीतर दो बार रद्द कर दी गई थी। नतीजतन एआईएमआईएम प्रमुख नगर निगम चुनाव के प्रचार के लिए स्थानीय मतदाताओं के बीच नहीं पहुंच सके थे।

हिंदू जागरण मंच ने इस प्रस्तावित सभा पर विरोध जताते हुए घोषणा की थी कि संगठन के कार्यकर्ता ओवैसी को काले झंडे दिखाएंगे।

बाद में ओवैसी ने एक वीडियो संदेश में कहा था कि वह उनकी ‘‘व्यस्ततता के कारण’’ इंदौर की चुनावी सभा में शामिल नहीं हो सके और इसके लिए वह अपने समर्थकों से माफी चाहते हैं।

गौरतलब है कि एआईएमआईएम ने भाजपा शासित मध्यप्रदेश में नगरीय निकाय चुनावों से अपने चुनावी सफर का आगाज किया है। इन चुनावों के पहले चरण में एआईएमआईएम द्वारा पार्षद पद के लिए उतारे गए उम्मीदवारों ने जबलपुर में दो वार्ड और बुरहानपुर एवं खंडवा में एक-एक वार्ड में जीत दर्ज की है।

वर्ष 2011 की जनगणना के मुताबिक मध्यप्रदेश की कुल 7.27 करोड़ की आबादी में 6.57 प्रतिशत यानी 47.76 लाख मुसलमान हैं।

भाषा हर्ष

संतोष रंजन

रंजन