Vasundhara Raje Fake Letter Case: कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट की सख्ती, राजस्थान पुलिस को दिया दो दिन का अल्टीमेटम, भोपाल पुलिस को भी दिए ये निर्देश
Vasundhara Raje Fake Letter Case: राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के नाम से जारी बताए जा रहे फर्जी पत्र वायरल मामले में कांग्रेस आईटी सेल के तीन कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी को लेकर बड़ा कानूनी विवाद खड़ा हो गया है।
vasundhara raje/ image spurce: ibc24
- फर्जी पत्र मामले में गिरफ्तारी विवाद
- HC की राजस्थान पुलिस को फटकार
- पेश न करने पर सख्त नाराजगी
Vasundhara Raje Fake Letter Case: जबलपुर/भोपाल। राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के नाम से जारी बताए जा रहे फर्जी पत्र वायरल मामले में कांग्रेस आईटी सेल के तीन कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी को लेकर बड़ा कानूनी विवाद खड़ा हो गया है। भोपाल से गिरफ्तार किए गए निखिल, बिलाल और इनाम के परिजनों ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि तीनों को सक्षम अदालत में पेश किए बिना अवैध रूप से हिरासत में रखा गया है। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने राजस्थान पुलिस के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई और स्पष्ट आदेशों के बावजूद आरोपियों को पेश न करने पर सख्त फटकार लगाई। हाईकोर्ट ने पूछा कि जब आदेश स्पष्ट थे तो तीनों कार्यकर्ताओं को अदालत में पेश क्यों नहीं किया गया और उनकी हिरासत किन परिस्थितियों में जारी रखी गई।
Vasundhara Raje fake letter: राजस्थान पुलिस ने नहीं किया तीनों कार्यकर्ताओं को पेश
सुनवाई के दौरान राजस्थान पुलिस की ओर से पेश न होने और समय पर अनुपालन न किए जाने को लेकर अदालत ने इसे गंभीर लापरवाही माना। कोर्ट ने टिप्पणी की कि “मिस-कम्यूनिकेशन” जैसे तर्क इस तरह के मामलों में स्वीकार्य नहीं हो सकते, जब न्यायालय द्वारा स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हों। इसके बाद हाईकोर्ट ने राजस्थान पुलिस को दो दिन की मोहलत देते हुए निर्देश दिया कि 29 अप्रैल को तीनों आरोपियों को हर हाल में अदालत में पेश किया जाए। साथ ही गिरफ्तारी से जुड़े सभी दस्तावेज, कारणों का विस्तृत स्पष्टीकरण और पूरी प्रक्रिया का रिकॉर्ड अदालत में प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि गिरफ्तारी किस आधार पर और किन परिस्थितियों में की गई थी।
Vasundhara Raje: गिरफ्तारी से जुड़े दस्तावेज और CCTV फुटेज भी करें पेश-हाईकोर्ट
इसके अलावा हाईकोर्ट ने भोपाल पुलिस को भी निर्देश दिया है कि 20 और 21 अप्रैल के बीच के सभी सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कर अदालत में पेश किए जाएं, जिससे गिरफ्तारी की पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता सामने आ सके। अदालत ने मध्य प्रदेश और राजस्थान पुलिस से विस्तृत रिपोर्ट तलब करते हुए पूछा है कि आरोपियों को अदालत में पेश किए बिना हिरासत में क्यों रखा गया। साथ ही भोपाल पुलिस कमिश्नर को मामले की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश भी दिया गया है। अदालत ने अगली सुनवाई 27 अप्रैल निर्धारित की है, जिस पर सभी दस्तावेजों और स्पष्टीकरण के साथ पुलिस को उपस्थित होने का आदेश दिया गया है।
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