Reported By: Shashikant Sharma
,Khargone News/Image: IBC24 File
Khargone News: खरगोन नगर पालिका ने स्वच्छ भारत अभियान के तहत एक अनूठी और प्रेरणादायक पहल शुरू की है। अब मंदिरों से निकलने वाले फूलों के कचरे को फेंका नहीं जाएगा, बल्कि इन्हीं फूलों से बनाई जा रही है सुगंधित अगरबत्ती। खास बात यह है कि खरगोन नगर पालिका द्वारा तैयार की जा रही यह अगरबत्ती शहर के मंदिरों में ही निशुल्क वितरित की जा रही है।
धार्मिक आस्था, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को जोड़ते हुए खरगोन नगर पालिका ने शहर के 50 से अधिक मंदिरों से प्रतिदिन करीब 5 क्विंटल फूलों का कचरा एकत्रित करने की व्यवस्था बनाई है। इसके लिए दो विशेष वाहन भी चलाए जा रहे हैं, जो रोजाना मंदिरों से फूल संग्रह कर नगर पालिका के टेंचिंग ग्राउंड स्थित अगरबत्ती प्लांट तक पहुंचाते हैं। नगर पालिका द्वारा तैयार की जा रही अगरबत्ती को “कुंदा” नाम दिया गया है, जो खरगोन की जीवनदायिनी कुंदा नदी के नाम पर आधारित है।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य पवित्र कुंदा नदी और अन्य जलाशयों में फूलों के विसर्जन को रोकना और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है। खरगोन नगर पालिका की यह पहल स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और धार्मिक आस्था का अनूठा संगम बनकर सामने आई है। फूलों के कचरे से अगरबत्ती निर्माण की यह मुहिम अब दूसरे शहरों के लिए भी प्रेरणा बन सकती है। नगर पालिका की इस पहल को मंदिरो के पुजारी और शहरवासी स्वागत कर रहे है।
सिद्धी विनायक गणैश मंदिर के पुजारी प्रणय भट्ट का कहना है- नगर पालिका की पहल सराहनीय है। पहले कुंदा नदी में फूल विसर्जन करना पड़ता था, लेकिन अब मंदिरों के फूल से नगरपालिका अगरबत्ती बनाकर मंदिरों को दे रही है। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। नगर पालिका के स्वास्थ्य अधिकारी प्रकाश चित्ते का कहना था की नगर पालिका खरगोन ने स्वच्छ भारत अभियान के तहत यह पहल शुरू की गई है। मंदिरों से निकलने वाले फूलों को रिसायकल कर अगरबत्ती बनाई जा रही है। इससे एक ओर नदी और जलाशयों में फूलों का विसर्जन रुकेगा, वहीं स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी लोगों तक पहुंचेगा।