शह मात The Big Debate: छात्रवृत्ति ‘कृष्ण’ के नाम पर.. सियासत अपने काम पर! सूबे में फिर चढ़ा सियासी पारा, आखिर भगवान की 64 कलाएं पढ़ाने पर विवाद क्यों?

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छात्रवृत्ति 'कृष्ण' के नाम पर.. सियासत अपने काम पर! सूबे में फिर चढ़ा सियासी पारा, Lord Shri Krishna Meritorious Scholarship Scheme

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  • Publish Date - July 29, 2026 / 11:54 PM IST,
    Updated On - July 29, 2026 / 11:56 PM IST

भोपालः Lord Shri Krishna Meritorious Scholarship Scheme मध्यप्रदेश की मोहन सरकार ने श्रीकृष्ण पाथेय, स्कूलों में गुरु पूर्णिमा उत्सव के बाद अब एक और कदम आगे बढ़ा दिया है। बीजेपी सरकार अब स्कूल और कॉलेज स्तर पर ‘भगवान श्रीकृष्ण मेधावी छात्रवृत्ति योजना’ शुरू करने जा रही है। योजना के तहत भगवान श्रीकृष्ण की 64 कलाओं और 14 विद्याओं पर आधारित प्रतियोगिता कराएगी। इसके विजेता बच्चों को सरकार एक-एक लाख रुपए छात्रवृत्ति के तौर पर देगी। भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी प्रतियोगिता में स्कूल और कॉलेज स्तर के- 51-51 यानी कुल 102 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी जाएगी।

Lord Shri Krishna Meritorious Scholarship Scheme इधर, भगवान श्रीकृष्ण पर केंद्रित स्कॉलरशिप की शुरूआत को लेकर सूबे का सियासी पारा भी चढ़ गया। कांग्रेस कह रही है कि धर्म और अध्यात्म-व्यक्तिगत आस्था का मामला है। सरकार का काम युवाओं को बेहतर शिक्षा और रोजगार देना है। कांग्रेस ने जहां सरकार पर निशाना साधा तो बीजेपी ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस हमेशा से ही सनातन और भारतीय शिक्षा पद्धति का विरोध करती आई है।

सवाल ये कि जब मेधावी छात्रवृत्ति योजना से लेकर कई सारी योजनायें युवाओं के लिए पहले से ही हैं, फिर इस नई योजना के पीछे की असल मंशा क्या है? सवाल ये भी कि भगवान कृष्ण की 14 विद्याओं और 64 कलाओं में बाल गूंथने,रंगोली डालने, इंद्रजाल जैसी भी कई कलाएं थीं तो क्या अब उनके लिए भी स्कॉलरशिप अब मिलेगी? सवाल ये कि भगवान राम के बाद भगवान कृष्ण को सरकारी योजनाओं में शामिल करना किस ओर इशारा कर रहा है? क्या एमपी से यूपी को साधने की कोशिश की जा रही है? सवाल ये कि क्या सरकार अब यदुवंशियों पर फोकस कर रही है?

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